साझेदारी से सफलता बुनती महिला उद्यमियों की कहानी
इस वीडियो में मिलिए आशा शिंदे और सना शेख से, जो महाराष्ट्र के पुणे जिले में उमंग महिला उद्योग नामक एक लघु महिला व्यवसाय का नेतृत्व करती हैं। यहां महिलाएं सिलाई और बुनाई से अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार करती हैं। इसमें कई तरह के बैग, स्टेशनरी का सामान, गिफ्ट आइटम और सजावटी चीजें शामिल हैं। आशा और सना बताती हैं कि कैसे वे दिनभर में कच्चा माल खरीदने, प्रोडक्ट डिजाइन करने और उन्हें ग्राहकों तक पहुंचाने का काम संभालती हैं, ताकि उनका व्यवसाय प्रगति करता रहे। आशा और सना का उमंग से जुड़ने का सफर अलग-अलग था, लेकिन दोनों में एक बात समान थी- काम के प्रति उनका जुनून और मेहनत का जज्बा। यही वजह है कि आज उमंग एक सफल व्यवसाय बन गया है। काम के साथ-साथ उन्हें अपने घर और परिवार की जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं। उनका सपना है कि एक दिन उमंग हर घर में पहचाना जाने वाला नाम बने, जिससे उनके समुदाय की अन्य महिलाओं को भी स्थायी रोजगार मिले और उनकी जिंदगी बेहतर बन पाए।
इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ें।
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अधिक जानें
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अधिक करें
- आशा और सना जैसी महिला उद्यमियों को सहायता देने के लिए umangmahilaudyog@gmail.com पर ई-मेल करें।
लेखक के बारे में
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सना शेख, उमंग महिला उद्योग की को-ऑर्डिनेटर हैं। वे बीते 17 सालों से टेलरिंग का काम कर रही हैं। सना अपने काम के जरिए अपने लिए एक पहचान बनाना चाहती हैं और अपने साथ काम करने वाली महिलाओं को लेकर जीवन में आगे बढ़ना चाहती हैं। वे पिंपरी-चिंचवाड़ (महाराष्ट्र) के कासरवाड़ी इलाक़े में रहती हैं और उन्होंने कक्षा नौ तक की शिक्षा हासिल की है।
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आशा शिंदे, उमंग महिला उद्योग की को-ऑर्डिनेटर हैं जहां वे महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की मार्केटिंग की जिम्मेदारी संभालती हैं। उनका मुख्य काम गांव से शहर आने वाली प्रवासी महिलाओं की मदद करना और उन्हें घरेलू हिंसा से निपटने में सक्षम बनाना है। आशा, पिंपरी-चिंचवाड़ (महाराष्ट्र) के कासरवाड़ी इलाक़े में रहती हैं और उन्होंने कक्षा नौ तक की शिक्षा हासिल की है।