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लैंगिक विषय

‘नारीवादी शिक्षा’ सुनकर आपके मन में क्या आता है?

द थर्ड आई के इस वीडियो के जरिए अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए देशभर के लोगों से जानिए कि वे नारीवादी शिक्षा शब्द को किस तरह देखते और समझते हैं।
12 नवंबर 2025 को प्रकाशित

देश के 25 लोग हमें बता रहे हैं कि वे कैसा महसूस करते हैं, क्या सोचते हैं, उन्हें क्या ध्यान आता है जब वे इन दो शब्दों को एक साथ सुनते हैं: नारीवादी शिक्षा। 

द थर्ड आई में हम इन सवालों से इस विचार पर आपका ध्यान लाना चाहते हैं कि ज्ञान और सीखना सिर्फ एक विशेषाधिकार नहीं है। ये केवल वो जानीमानी प्रक्रिया नहीं है जिसमें ऊपर से नीचे की ओर प्रवाह होता है, जो जानते हैं उनसे, उनकी ओर जो नहीं जानते हैं। हमारा प्रस्ताव है, कि ज्ञान हमारे इतिहास में, हमारी यादों में, हमारे शरीर में वास करता है। अपने जेंडर, कामनाओं/ इच्छाओं और अपनी दुनिया का हम जो मतलब या फिर मूल निकालते हैं या देते हैं उसमें ये बस्ता है। इस तरह, ये फिल्म जो भी हमें बताया और समझाया गया और जो भी निष्कर्ष या समझ हमने अपनी तरफ से बनाई, उन दोनों को साथ बुनकर एक नए तरह के ज्ञान की रचना की तरफ इशारा करती है। 

आपके और हमारे बीच ज्ञान की एक नई कल्पना की बातचीत शुरू करने के लिए, हमारी तरफ से ये एक शुरुआत है। इसके निर्माण में आप भी हमारे साथ आएं।

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यह लेख मूलरूप से द थर्ड आई पर प्रकाशित हुआ था।

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