विकास सेक्टर के सालाना अवॉर्ड्स: इस बार कौन सी ट्रॉफी, किसके नाम?
ये अवॉर्ड उन कार्यकर्ताओं के नाम हैं जो समाज को बेहतर बनाते-बनाते लंच ब्रेक को अगले मिशन तक टाल देते हैं।
19 दिसंबर 2025 को प्रकाशित
1. सबका भाई-दीदी अवार्ड- फील्ड कार्यकर्ता
फील्ड में हर कोई इन्हें अपने घर का सदस्य मानता है और जहां भी जायें चाय तो बिना किसी औपचारिकता के हर समय इनके आसपास मौजूद रहती ही है।

2. मीटिंग मैराथन अवार्ड- प्रोग्राम डॉयरेक्टर
इनकी मीटिंग कभी खत्म नहीं होती, बस अगली मीटिंग शुरू हो जाती है।

3. जीपीएस विदाउट सिग्नल अवार्ड- फील्ड कॉर्डिनेटर अवार्ड
इनका अपना इंटरनल जीपीएस होता है और नेटवर्क वैकल्पिक।

4.छोटा पैकेट बड़ा धमाका अवार्ड- इंटर्न
और, हर बार की तरह मीटिंग का आखिरी फैसला- ‘इसे भी इंटर्न से करवा लेते हैं।’

5. हमसे जुड़े रहें अवार्ड- आउटरीज
कम्युनिटी में 1000 लोगों से बातचीत हुई, ऑफिस में 50 नए आइडिया प्रेजेंट हुए!

6. बिल कहां है अवार्ड- अकाउंट्स ऑफिसर
सबकी सुनेंगे, लेकिन सवाल एक ही करेंगे – इसका बिल कहां है?

7. भरोसा अवार्ड- समुदाय
इन्हें आज भी उतना ही भरोसा है, जितना पहले दिन था… कि संस्था के लोग एक दिन जरूर आएंगे। शायद आज नहीं, शायद कल, शायद परसों।

लेखक के बारे में
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इंद्रेश शर्मा आईडीआर हिंदी में पार्टनरशिप और आउटरीच हेड हैं। वे संगठन की पहुंच बढ़ाने और असरदार साझेदारी बनाने के लिए विकास सेक्टर से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ मिलकर काम करते हैं। इन्द्रेश संस्थागत सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ जमीनी संगठनों के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग से जुड़े लेखन में भी सक्रिय रूप से योगदान देते हैं। उनके पास विकास सेक्टर में 13 वर्षों से अधिक का पेशेवर अनुभव है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, ग्रामीण विकास और पंचायती राज जैसे क्षेत्रों में काम किया है। इससे पहले वे सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च संस्था से जुड़े थे, जहां वे रिसर्च, कार्यक्रम निर्माण और प्रशिक्षण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं।
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पूजा राठी आईडीआर हिंदी में संपादकीय विश्लेषक (एडिटोरियल एनालिस्ट) हैं। इससे पहले, उन्होंने फेमिनिज़्म इन इंडिया में सह-संपादक के रूप में काम किया है, जहां उन्होंने जेंडर, पर्यावरण और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को कवर किया। पूजा को यूएन लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित किया गया है और वह 2024 की लाडली मीडिया फैलो भी रह चुकी हैं। इसके अलावा, वह खबर लहरिया की रूरल मीडिया फेलोशिप और एटलस फॉर बिहेवियर चेंज इन डेवलपमेंट की बिहेवियरल जर्नलिज़्म फेलोशिप की पूर्व फेलो रह चुकी हैं। पूजा ने पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है।
