1. लड़कियां छुप-छुपकर कहीं जा रही थीं…


2. पर, किसी को बता नहीं रही थीं…


3. और, जहां वो पहुंचीं वो मंजिल बड़ी अनोखी थी…


हल्का-फुल्का का यह अंक सीमांचल लाइब्रेरी फाउंडेशन के संस्थापक साक़िब अहमद के अनुभव पर आधारित है।
लेखक के बारे में
- साक़िब अहमद सीमांचल लाइब्रेरी फाउंडेशन के संस्थापक हैं और इसके माध्यम से किताबों को गांव-गांव में पहुंचाने की भूमिका निभाते हैं।

