जमीनी संस्थाएं सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें?
जमीनी संस्थाएं सोशल मीडिया के इस्तेमाल से अपने काम की पहुंच व्यापक बना सकती हैं।सरल कोश: स्पेशल एजुकेशन
अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या – स्पेशल एजुकेशन।क्या जस्ट ट्रांजिशन और आजीविका में कोई संबंध है?
कार्बन कॉपी के इस पॉडकास्ट में जानें कि भारत के कोयला सम्पन्न इलाकों में जस्ट ट्रांजिशन लोगों की आजीविका और जीवन को कैसे बदल सकता है।सरल कोश: फ्रंटलाइन वर्कर
फ्रंटलाइन वर्कर किसी दफ्तर या मीटिंग रूम तक सीमित नहीं होते, बल्कि गांवों, मोहल्लों और बस्तियों में जाकर समुदायों के साथ काम करते हैं।कैसे भीषण गर्मी की सबसे भारी मार गिग वर्कर्स, मजदूरों और बेघरों पर पड़ रही है
बढ़ती गर्मी के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की पड़ताल करते इस वीडियो में यह जानने का प्रयास किया गया है कि हीट एक्शन प्लान को न्यायसंगत और असरदार कैसे बनाया जा सकता है।कम्युनिटी लीडरशिप क्या होती है? जानिए जमीनी अनुभव से
कम्युनिटी लीडरशिप का यह मॉडल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम असल में लोगों को लीड करने का मौका दे रहे हैं, या बस उनके लिए फैसले ले रहे हैं?सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 2
वीडियो के इस भाग में हम बात कर रहे हैं, अगले कदम की— यानी, अधिकारियों से प्रभावी संवाद और बेहतर संबंध कैसे स्थापित करें।ग्रामीण स्वास्थ्य की हकीकत: ‘ग्राम चिकित्सालय’ के माध्यम से!
जब डॉक्टर बीमारी के लक्षण गूगल करे या बीपी मशीन में छेद हो—तो समझिए, यही है हमारी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था!सरल कोश: एडवोकेसी
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश – विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या– एडवोकेसी।फील्ड वर्कर के साथ, उनके मन की बात
फील्ड में काम कर रहे कार्यकर्ता सब की बात सुनते हैं, लेकिन कई बार अपनी बात कह नहीं पाते।