बोर्ड और संचालन
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साझा प्रयास: भारतीय नागरिक समाज के भविष्य की नींव
बढ़ते दबावों के बीच गैर-लाभकारी संस्थाओं की सबसे बड़ी ताकत उनकी विविधता है, जिसका प्रभावी उपयोग भारत के सामाजिक क्षेत्र के अस्तित्व और भविष्य की कुंजी साबित होगा। -
12A और 80G: समय पर नवीनीकरण, सहयोग का भरोसा
हाल ही में हुए संशोधनों के अनुसार, अब हर पांच वर्ष में 12A और 80G पंजीकरणों का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। -
सोशल सेक्टर के लिए बढ़िया प्रशासन क्यों ज़रूरी है?
बढ़िया प्रशासन का मतलब केवल नियमों का पालन नहीं होता बल्कि अपने हितधारकों और सहभागियों का भरोसा हासिल करना भी होता है, इसके लिए संगठन इन पांच बातों का ध्यान रख सकते हैं। -
2022 में FCRA: अब तक का सफ़र और उसका असर
FCRA में हुए संशोधनों के संक्षिप्त इतिहास से लेकर स्वयंसेवी संस्थाओं और आम आदमी पर इनके असर तक, इस क़ानून के बारे में वह सबकुछ जो आपको जानना चाहिए। -
स्वयंसेवी संस्थाओं को क्यों लगता है कि नया FCRA उनके मौलिक अधिकारों का हनन करता है
अप्रैल 2022 में आए FCRA (एफसीआरए) से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बारे में जानिए और समझिए कि यह स्वयंसेवी संस्थाओं को कैसे प्रभावित करता है। -
‘विरासत’ में मिले बोर्ड का प्रबंधन
आने वाले सीईओ को न केवल संस्था के कर्मचारी और इसके कार्यक्रम विरासत में मिलते हैं बल्कि इसका बोर्ड भी विरासत में मिलता है। नए सीईओ और बोर्ड के बीच के संबंध को बेहतर बनाने के लिए हम यहाँ कुछ तरीके आपको बता रहे हैं। -
स्वयंसेवी संस्थाओं के बोर्ड के उन सदस्यों से निबटने के चार तरीके जिनके पास ‘समय नहीं होता है’
क्या आपके लीडरशीप टीम को बोर्ड के सदस्यों को शामिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है? आइये हम आपको इसके आसान तरीकों के बारे में बताते हैं। -
भारत में स्वयंसेवी संस्थाओं को संचालित करने वाले क़ानून
भारत में स्वयंसेवी संस्थाओं के कामकाज से जुड़ी दस ऐसी बातें जिनका संबंध वर्तमान क़ानूनी ढाँचे से है। -
अपने स्वयंसेवी संस्था को मुश्किलों से दूर रखें
सीएसआर और एफ़सीआरए के नियमों का पालन करते समय स्वयंसेवी संस्थाओं को नौ बातों का ध्यान रखना चाहिए।