नेतृत्व और हुनर
-
बेहतरी के लिए सीखना: लर्निंग और डेवलपमेंट के आयाम
विकास सेक्टर में लर्निंग और डेवलपमेंट की क्या उपयोगिता है और इसकी वर्तमान स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कौन से कदम उठाये जा सकते हैं। -
संवेदनशील नेतृत्व: संघर्षशील परिवेश में भरोसे की नींव
राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में समुदाय के साथ जुड़ने की नींव विनम्रता, संवेदनशीलता और सुनने की क्षमता पर आधारित होनी चाहिए। -
सरल कोश: फ्रंटलाइन वर्कर
फ्रंटलाइन वर्कर किसी दफ्तर या मीटिंग रूम तक सीमित नहीं होते, बल्कि गांवों, मोहल्लों और बस्तियों में जाकर समुदायों के साथ काम करते हैं। -
कम्युनिटी लीडरशिप क्या होती है? जानिए जमीनी अनुभव से
कम्युनिटी लीडरशिप का यह मॉडल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम असल में लोगों को लीड करने का मौका दे रहे हैं, या बस उनके लिए फैसले ले रहे हैं? -
जातिवाद के आईने में समाज: दलित साहित्य की पांच जरूरी किताबें
दलित साहित्य पढ़कर हम समझ पाते हैं कि जातिवाद की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके उन्मूलन के लिए किस प्रकार के सामाजिक और मानसिक परिवर्तनों की जरूरत है। -
सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 1
सरकार से जुड़ने से पहले संस्थाओं को न केवल यह मालूम होना चाहिए कि उन्हें कहां और किस स्तर पर जुड़ना है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इससे सरकार को क्या लाभ होगा। -
सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा युवाओं के लिए क्यों जरूरी है?
सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा यानि सेल, युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ उनके दैनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने में भी मदद करता है। -
थियेटर ऑफ द ऑप्रेस्ड: वंचितों का रंगमंच जिसमें हम सब कलाकार हैं
कैसे समाजसेवी संस्थाएं, थियेटर ऑफ द ऑप्रेस्ड का इस्तेमाल कर शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े तमाम मुद्दों पर एक नई तरह से संवाद विकसित कर सकती हैं। -
आखिर जमीनी संस्थाएं अपने काम को विस्तार क्यों नहीं दे पा रही हैं?
जमीनी संस्थाओं की सफलता में वित्तीय प्रबंधन, नेतृत्व विकास, तकनीक और सरकारी नीतियों की समझ की कमी जैसी अनगिनत बाधाएं हैं। -
सरल-कोश: विज़न और मिशन
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - विज़न और मिशन। -
फील्ड सर्वेक्षण को बेहतर करने के कुछ तरीके | भाग-दो
फील्ड सर्वेक्षण से जुड़े कुछ ऐसे तरीके जो न केवल आपको फील्ड में मदद करेंगे बल्कि ये आपके सर्वे की गुणवत्ता को बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं। -
समाजसेवी संस्थाओं के जमीनी कार्यकर्ताओं की मुख्य चुनौतियां क्या हैं?
आईडीआर का एक अध्ययन बताता है कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किन बिंदुओं पर समाजसेवी संस्थाओं से समर्थन की अपेक्षा होती है।