तकनीक
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क्या डेटा हमें सही तस्वीर दिखा रहा है?
मानवीय समझ के बजाय डेटा-विज्ञान को प्राथमिकता देने में कौन से जोखिम शामिल हैं? -
छोटी संस्थाओं की बड़ी जरूरत: क्यों अहम हैं सरल डिजिटल टूल?
जब संस्थाएं अपनी जरूरतें समझने का प्रयास करती हैं, तो उनके लिए डिजिटल टूल अपनाने की प्रक्रिया अपने आप सहज हो जाती है। -
स्टेम शिक्षा में लैंगिक समानता: चुनौतियां और संभावनाएं
स्टेम शिक्षा के क्षेत्र में लैंगिक असमानता के बहुत से परस्पर कारण हैं। लेकिन स्कूली शिक्षा में ही छात्राओं को उचित अवसर और सहयोग देकर इस अंतर को कम किया जा सकता है। -
व्हाट्सएप चैटबॉट्स: सामाजिक संस्थाओं के कहां काम आ सकते हैं और कहां नहीं?
सेक्टर के दो अनुभवी लीडर्स से जानिए कि सामाजिक संस्थाएं व्हाट्सएप चैटबॉट्स का कैसे और कितना इस्तेमाल कर सकती है। -
जमीनी संस्थाएं सोशल मीडिया का इस्तेमाल कैसे करें?
जमीनी संस्थाएं सोशल मीडिया के इस्तेमाल से अपने काम की पहुंच व्यापक बना सकती हैं। -
नदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी : पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, नदी किनारे बसे समुदाय मेमोरी मैप्स, ऑडियो नोट्स और तस्वीरों के माध्यम से मौखिक इतिहास और पारंपरिक अनुकूलन रणनीतियों को संरक्षित कर रहे हैं। -
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बदलाव के सुर: नवीकरणीय ऊर्जा के साथ एक म्यूज़िक बैंड का अनूठा प्रयोग
2024 में भारतीय बैंड स्वरात्मा ने डीजल के जेनसेट का उपयोग न करते हुए अपने टूर को सौर ऊर्जा से संचालित किया। यह प्रयोग आने वाले समय में लाइव कार्यक्रमों की नई परिभाषा लिख सकता है। -
विकास सेक्टर में अपना डिजिटल फुटप्रिंट कैसे तैयार करें?
डिजिटल एक्टिविज़म में सोशल मीडिया हैशटैग कैंपेन, ऑनलाइन याचिकाएं, क्राउडफंडिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे उपाय तरीके शामिल हैं। -
समाजसेवी संस्थाएं अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए कितनी तैयार हैं?
सोशल सेक्टर में एआई का सही इस्तेमाल कार्यकुशलता को कई गुना बढ़ा सकता है लेकिन इसे अपनाने से पहले कुछ जरूरी सवालों के जवाब टटोलना बाकी है। -
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क्या बिहार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति इसे ईवी राज्य बनाने के लिए पर्याप्त है?
बिहार में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में उच्च पूंजी लागत, सीमित चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और बैटरी की उपलब्धता जैसी बाधाएं हैं, लेकिन इलेक्ट्रिक वाहन नीति के ज़रिये राज्य सरकार इससे निबटने के लिए प्रयास कर रही है।