डेरेक ज़ेवियर
डेरेक ज़ेवियर आईडीआर में सहायक सम्पादक हैं और लेख लिखने, सम्पादन और प्रकाशन से जुड़े काम देखते हैं। इससे पहले डेरेक ने कैक्टस कम्यूनिकेशन्स और फ़र्स्टपोस्ट में सम्पादक की हैसियत से काम किया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऐम्स्टर्डैम से मीडिया स्टडीज़ में एम और मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से समाजशास्त्र और मानवविज्ञान में बीए की पढ़ाई की है।
डेरेक ज़ेवियर के लेख
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तकनीक व्हाट्सएप चैटबॉट्स: सामाजिक संस्थाओं के कहां काम आ सकते हैं और कहां नहीं?
सेक्टर के दो अनुभवी लीडर्स से जानिए कि सामाजिक संस्थाएं व्हाट्सएप चैटबॉट्स का कैसे और कितना इस्तेमाल कर सकती है। -
अधिकार आईडीआर इंटरव्यूज | मधु मंसूरी हंसमुख
पद्मश्री सम्मान से नवाजे जा चुके लोकगीत कलाकार मधु मंसूरी हंसमुख ने आईडीआर के साथ अपनी बातचीत में बताया कि कैसे छोटी सी उम्र से ही इन्होंने लोकगीत को अपना हथियार बनाकर झारखंड आंदोलन को एक नई दिशा और चेतना प्रदान की। -
स्केल बाहरी सलाहकारों की मदद से अपने संगठन के प्रभाव को कैसे बढ़ाएं?
बाहरी सलाहकारों को लाना समाजसेवी संस्थाओं के प्रभाव को बढ़ाने में कैसे मददगार साबित हो सकता है, इस पर रोशनी डालती अंतरंग फ़ाउंडेशन से जुड़ी एक केस स्टडी। -
फंडरेजिंग और संवाद आज के लाभार्थी, कल के दानदाता कैसे बन सकते हैं?
एफएफई का एल्मनाई एंगेजमेंट मॉडल बताता है कि समाजसेवी संस्थाओं से सहयोग और समर्थन पाने वाले, उनके कार्यक्रमों को लंबे समय तक चलाए रखने वाले फ़ंडिंग मॉडल का हिस्सा कैसे बन सकते हैं। -
पर्यावरण पर्यावरण बचाने के लिए आंदोलन खड़ा करने में क्या-क्या लगता है?
पर्यावरणविद स्टालिन दयानंद, पर्यावरण से जुड़े आंदोलनों में जनभागीदारी पर बात कर रहे हैं और बता रहे हैं क्यों ये विकास विरोधी नहीं कहे जा सकते हैं। -
लैंगिक विषय महिलाओं को भूमि अधिकार दिलाने का मतलब उन्हें सशक्त बनाना होना चाहिए
समाजसेवी संस्थाओं को महिलाओं को सबसे पहले समझाना होगा कि भूमि अधिकार उनके सम्मान से जीने का अधिकार भी है।





