जयेश जोशी
जयेश जोशी, लगभग 30 सालों से वाग्धारा संस्था में सचिव हैं और गांधीवादी विचारधारा पर आधारित ‘स्वराज दर्शन’ को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वे, पर्यावरण के अनुकूल और सतत विकास के तरीकों पर जोर देते हैं जिनमें सांस्कृतिक विरासत और परंपराएं भी शामिल हैं। उनके प्रयासों से कई आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को सतत विकास की ओर बढ़ने में मदद मिली है। उन्होंने ऐसे कई सफल सामुदायिक मॉडलों पर काम किया है जो जलवायु संरक्षण, खाद्य सुरक्षा और पारंपरिक ज्ञान को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
जयेश जोशी के लेख
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विविधता और समावेश ग्रामीण भारत में पोषण संकट की असल जड़ क्या है?
ग्रामीण भारत में कुपोषण का कारण केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि पारंपरिक भोजन से दूरी भी है। -
कृषि क्या कृषि और जल संकटों का हल ग्राम स्वराज में मिल सकता है?
ग्राम स्वराज का सिद्धांत, गांवों को राजनीतिक स्वायत्तता देने के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि विकास और किसान कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

