मीत ककाड़िया
मीत ककाड़िया आईडीआर में सोशल मीडिया प्रभारी हैं। वह सोशल मीडिया कॉपी लिखते हैं और डेली पोस्टिंग की ज़िम्मेदारी संभालते हैं। मीत के पास राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल फॉर डेमोक्रेसी के साथ अपने काम से डिजिटल क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। मीत ने सीईपीटी यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से अर्बन डिज़ाइन में बीए किया है।
मीत ककाड़िया के लेख
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हल्का-फुल्का विकास सेक्टर की पहेलियां
सिद्दांतों और तनख़्वाह का संतुलन! -
हल्का-फुल्का समझ का फेर?
सामाजिक सेक्टर में भाषा की एक पहेली जो जाने कब हल होगी? -
हल्का-फुल्का जिनसे हमें प्रेरणा मिलती है, उन किसानों को क्या मिलता है?
किसानों और मेहनतकशों को लेकर मीडिया की नज़र। -
हल्का-फुल्का पर्यावरण संरक्षण के ईमानदार प्रयास?
कॉर्पोरेट कंपनियों की सी एस आर नीतियों में पर्यावरण की चिंता। -
हल्का-फुल्का क्या है एक रिर्सचर का काम
सीमित फंडिग का क्या हैं परिणाम, समस्याओं की पहचान या समस्याओं का आविष्कार? -
पर्यावरण फोटो निबंध: सार्वजनिक भूमि को बचाए रखने में पूरे गांव की भूमिका होती है
राजस्थान में मवेशियों के लिए चारे की कमी और सार्वजनिक ज़मीन पर अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे थाना गांव ने समुदाय की मदद से इसका हल ढूंढ लिया है। -
हल्का-फुल्का सागर को गागर
जलवायु परिवर्तन को लेकर जमीनी समझ और सलाहकारों का ज्ञान कई बार मेल नहीं खाते हैं।






