हल्का-फुल्का
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हर दर्द का डिजिटल इलाज
अधिकार हो या रोजगार, डिजिटल में है सबका उपचार। -
सोशल सेक्टर की समस्याओं के लिए, स्टार्टअप के समाधान
क्या कभी ऐसा हुआ है कि सोशल सेक्टर की चुनौतियां और मुद्दे बताते ही किसी ने आपके सामने उनका हल ऐप, वाईफाई, एआई वगैरह से चुटकियों में निकालने का दावा रख दिया हो। -
सपनापुर से हिंदी दिवस का हालचाल
आम जनता के लिए हिंदी के मायने जितने समान हैं, उतने ही अलग भी हैं। -
नेताओं और अफसरशाही को आईना दिखाता अंगिका भाषा का लोकगीत
अंगिका भाषा का यह लोकगीत ग्रामीण जीवन की कठोर वास्तविकताओं को सामने लाता है और प्रभावशाली वर्ग द्वारा शोषण और एकतरफा नीतियों की तीखी आलोचना करता है। -
कॉन्वेंट में पढ़कर भी तुम्हें सोशल सेक्टर में काम करना है, क्यों?
ऐसे ही कुछ सवाल और प्रतिक्रियाएं जो मेरा परिवार मेरी विकास सेक्टर की नौकरी पर करता रहता है। -
फील्ड में एक बार: जब डेटा हर जगह था, प्राइवेसी कहीं नहीं!
क्लासरूम से वॉशरूम तक, टाइम यूज स्टडी में रिसर्चर की डायरी में हर गतिविधि की एंट्री होती है, उसमें खर्च हुए वक्त के साथ। -
स्वतंत्रता दिवस सेलः नो ऑफर ऑन रोटी!
स्वतंत्रता के आठ दशक बाद भी करोड़ों लोग भोजन जैसे मौलिक अधिकार से वंचित हैं। क्या आजादी का मतलब यही है? -
नहीं सहेंगी, नहीं सहेंगी…सेक्टर की बिल्लियां नहीं सहेंगी
वर्ल्ड कैट डे पर पढ़िए थकान और बर्नआउट झेलती, चिढ़चिढ़ी और ट्रीट को तरसती सोशल सेक्टर बिल्लियों की पर्सनल म्याऊं डायरी। -
आशाः एक नाम, और हजार काम
एक आशा कार्यकर्ता अपने काम के अलावा किन-किन अजीबो-गरीब जिम्मेदारियों को पूरा करती है, उन्हीं पर एक टिप्पणी। -
अब संस्थाओं का असर सिर्फ महसूस किया जाएगा, देखा नहीं जा सकेगा!
क्या हो अगर संस्थाएं अपना काम तो करें, पर बता न सकें? हो सकता है कि रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग और फंडिंग, सब कुछ भावनाओं से ही समझना पड़े। -
जब तक सूरज-चांद रहेगा, किसका-किसका नाम रहेगा?
बड़ी घोषणाओं की जमीनी हकीकत में अक्सर विरोधाभास नजर आता है। -
स्कॉलरशिप पोर्टलः एरर 404 – सोशल जस्टिस नॉट फाउंड!
स्कॉलरशिप तक पहुंचने के लिए छात्रों को अनेक बाधाओं का सामना करना पड़ता है जो तमाम योग्यताओं के बावजूद उन्हें ‘वंचित’ बना देती हैं।