झारखंड
झारखंड के पेसा नियम, मूल नियमों से कितने अलग हैं?
झारखंड पेसा नियमावली, 2025 का धारा दर धारा विश्लेषण।छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा
सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं।जन गण वन
यह फिल्म झारखंड में वन संरक्षण और बहाली की दिशा में की गई सामुदायिक पहल को दिखाती है।फोटो निबंध: अवसरों की कमी और आजीविका के संकट से जूझते डोकरा कलाकार
झारखंड के डोकरा कलाकार पीतल से सजावटी सामान और कलाकृतियां बनाते हैं, लेकिन अब उनके लिए इस कला को जारी रख पाना एक चुनौती बन गया है।जन-संगठन आर्थिक आत्मनिर्भरता कैसे हासिल कर सकते हैं?
जमीनी संगठनों के लिए समुदाय से रिश्ता बनाए रखना सबसे अधिक जरूरी है क्योंकि समुदाय, यदि संगठन की अहमियत समझेगा तो वह उसकी आर्थिक जरूरतों का भी खयाल रखेगा।सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा युवाओं के लिए क्यों जरूरी है?
सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा यानि सेल, युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ उनके दैनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने में भी मदद करता है।आईडीआर इंटरव्यूज | दयामनी बरला
झारखंड की आदिवासी कार्यकर्ता एवं पत्रकार दयामनी बरला बताती हैं कि कैसे वे जल, जंगल और जमीन से जुड़े आंदोलनों के जरिए लोगों को उनका हक दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रही हैं।











