आजीविका
ओडिशा की एक शिल्पकार ने गढ़ी अपनी ही कहानी
ओड़िशा की एक शिल्पकार जो अपनी कहानी बता रही है कि कैसे उसने महिला शिल्पकारों के साथ मिलकर अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई और समुदाय विकसित किया।“दिन समय पर शुरू तो होता है लेकिन समय पर ख़त्म नहीं होता”
हॉस्पिटैलिटी कार्यकर्ता के जीवन का एक दिन जो कोविड-19 के दौरान एक रिसॉर्ट चलाती हैं और सहयोगियों की अपनी टीम को सम्भालने का काम करती हैं।एक फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी कैसे चलाते है?
एक आदिवासी महिला हाशिए पर जी रहे किसानों की आय में सुधार लाने के लिए उन्हें एकत्रित करने वाली एक किसान उत्पादक कम्पनी (फ़ार्मर प्रोड़्यूसर कम्पनी या एफ़पीसी) का प्रबंधन करती है जिनकी मालिक महिलाएँ हैं।अनौपचारिक कर्मचारियों की मदद के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं में खामियाँ
ई-श्रम पोर्टल तक पहुँचने में आने वाली बाधाओं को दूर करना जरूरी है ताकि अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिक भी इसका लाभ उठा सकें।कम समय, हजारों कहानियाँ: जमीन पर काम कर रहे एक पत्रकार की डायरी
उन्नाव के एक पत्रकार के जीवन का एक दिन जो यूपी चुनावों से लेकर दुर्घटनाओं और अपराधों के साथ-साथ स्थानीय न्यूज पर भी नजर रखता है।“मैं अपने आसपास के लोगों का जीवन बेहतर बनाना चाहता हूँ”
एक यूपीएससी परीक्षार्थी और सफाई कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो मैनुअल स्कैवेंजिंग से परे जीवन चाहने वाले लोगों के लिए न्यूनतम वेतन और कौशल विकास को सुनिश्चित करना चाहता है।






