आजीविका
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कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद होती घरेलू कामगार महिलायें
एनसीआर में घरेलू कामगार महिलायें सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सरकार और नियोक्ताओं पर ठोस कदम उठाने का दबाव बना रही हैं। -
कचरा बीनने वाले श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्व
बेंगलुरु में कचरा बीनने वाले श्रमिकों के साथ कार्यरत संगठनों के एक साझा समूह का मानना है कि सरकारी योजनाओं की सुलभता उनके जीवन में निर्णायक भूमिका निभाती है। -
फोटो निबंध: उत्तर त्रिपुरा के गौर समुदाय की पलायन यात्रा
कभी बांग्लादेश से त्रिपुरा की ओर पलायन करने वाला गौर समुदाय आज रबर की खेती के कारण खराब जमीन और पानी के संकट से जूझ रहा है। -
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आदिवासी समूहों की एकजुट पहल: जल और जमीन पर अधिकार की मांग
आदिवासी जनजातियां भू-अधिकारों और मत्स्य पालन को लेकर संगठित हो रही हैं, ताकि अपनी पारंपरिक आजीविका को सुरक्षित रख सकें। -
क्या स्थानीय मोबाइल रिपेयर की दुकानें ई-कचरे को कम करने में मदद कर सकती हैं?
कंप्यूटर और मोबाइल रिपेयर की दुकानों लंबे समय से उपकरणों के जीवनकाल को बढ़ाने में मदद कर रही हैं। लेकिन उन्हें जीवित रहने के लिए समर्थन की ज़रूरत है। -
एप्प से आंदोलन तक: क्या है तेलंगाना के राइड चालकों की मांग?
गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर अपनी घटती आय और बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ लगातार संघर्षरत हैं। -
दांव पर ज़िंदगी: अरबों के टेक्सटाइल उद्योग का कड़वा सच
सूरत का भव्य टेक्सटाइल उद्योग भले ही समृद्धि की मिसाल हो, लेकिन इसकी बुनियाद प्रवासी श्रमिकों की बदहाल जीवन परिस्थितियों पर टिकी है। -
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फोटो निबंध: अपने श्रम अधिकारों के लिए साकी नाका के श्रमिकों का संघर्ष
मुंबई के कुर्ला में हमाल श्रमिक उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, अब वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। -
मध्य प्रदेश के आदिवासी, जंगलों की आग रोकने के लिए परंपराएं तक छोड़ रहे हैं
मध्य प्रदेश, जंगल की आग से प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर आता है लेकिन अब आदिवासियों और वन विभाग के साझा प्रयास स्थिति को बदल रहे हैं।