आजीविका
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राजस्थान के कृषि मजदूर एक से दूसरे गांव प्रवास क्यों करते हैं?
राजस्थान के आदिवासी समुदायों से आने वाले अकुशल श्रमिक गुजरात के गांवों में जाकर कृषि मज़दूरी करते हैं लेकिन इस पलायन की वजहें और समस्याएं आज भी अदृश्य लगती हैं। -
फोटो निबंध: अहमदाबाद की बॉयलर फैक्ट्री के श्रमिकों की स्थिति की एक झलक
अहमादाबाद की बॉयलर फैक्ट्रियों में जहां एक तरफ उद्योग मानकों का पालन नहीं हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ श्रमिकों से स्वास्थ्य और जीवन के लिए घातक परिस्थितियों में काम लिया जा रहा है। -
फोटो निबंध: सार्वजनिक भूमि को बचाए रखने में पूरे गांव की भूमिका होती है
राजस्थान में मवेशियों के लिए चारे की कमी और सार्वजनिक ज़मीन पर अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे थाना गांव ने समुदाय की मदद से इसका हल ढूंढ लिया है। -
राजस्थान में आज भी महिलाओं को डायन बताने की कुप्रथा क्यों क़ायम है?
राजस्थान समेत देशभर में आज भी महिलाओं को डायन बताकर उत्पीड़ित करने की कुप्रथा है जिसकी जड़ें पितृसत्ता, मानवीय लालच और कमजोर कानूनों में दबी दिखाई देती हैं। -
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में हुए उद्यमिता शिक्षा के प्रयोग से क्या पता चलता है?
स्कूली बच्चों में बुनियादी कौशल और उद्यमी मानसिकता विकसित करना, उनकी रचनात्मकता को बढ़ाने और उन्हें बेहतर करियर विकल्पों की तरफ ले जाने वाला हो सकता है। -
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डोरमैट बनाकर उद्यमिता का उदाहरण खड़ा करती उत्तर प्रदेश की महिला
उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव में डोरमैट बनाने का काम शुरू करने वाली महिला उद्यमी रौशनी बेगम अन्य महिलाओं को रोजगार और आजीविका दे रही हैं। -
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भारत के श्रम बल में महिलाओं के भागीदारी से जुड़े प्रयास क्या बताते हैं?
दुनिया के अन्य देशों की तुलना में, भारत में महिला श्रम बल की भागीदारी की दर कम क्यों है और इसे बदलने के लिए क्या किए जाने की जरूरत है।