जल और स्वच्छता
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क्या है जल सुरक्षा: भारत की चुनौतियां और समाधान
किसी भी देश की सुरक्षा सिर्फ़ उसकी सीमाओं से संबंधित कारकों पर ही निर्भर नहीं होती। पानी जैसे संसाधनों की स्थिति भी सुरक्षा को प्रभावित करती है। -
फोटो निबंध: समय के साथ बहे जलाशय, अब संवारने की बारी
बुंदेलखंड में गणतंत्र दिवस की थीम ‘स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ को सदियों पुराने पारंपरिक जलाशयों के पुनरोद्धार के माध्यम से साकार किया जा रहा है। -
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पंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं
जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती हैं। -
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फोटो निबंध: असम के कैबार्ता समुदाय को अब नदी से आजीविका क्यों नहीं मिल पा रही है
असम के कैबार्ता समुदाय की आजीविका और संस्कृति अब जलवायु परिवर्तन, औद्योगिक प्रदूषण और अत्यधिक मछली पकड़े जाने जैसे कारणों के चलते संकट में है। -
पानी से जुड़े साझा प्रयासों की दिशा कैसे तय की जा सकती है?
अलग-अलग योग्यता वाले कई हितधारकों का सहयोग कार्यक्रमों को लंबे समय तक प्रभावी बनाएं रखने के लिए जरूरी है। जैसे एचयूएफ ने एक तरह का सहयोगात्मक संघ बनाया है। इसमें भागीदार के तौर पर अंतर्राष्ट्रीय परियोजना ट्रस्ट केंद्र (सीआईपीटी) पंजाब, किसान सहकारी समितियां, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के अकादमिक विशेषज्ञ और सरकार सभी शामिल हैं। -
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पानी बचाना है तो समुदाय को उसका मालिक बनाना होगा
पूर्वी और मध्य भारत में आदिवासी समुदायों की महिलाएं स्थायी जल संरक्षण प्रणाली की योजना, निर्माण और प्रबंधन का अभिन्न अंग हैं। -
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आईडीआर इंटरव्यूज । राजेंद्र सिंह
‘वाटरमैन ऑफ़ इंडिया’ कहे जाने वाले राजेंद्र सिंह ने आईडीआर से हुई इस खास बातचीत में जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्राम विकास पर विस्तार से बात की है। यहां उनसे जानिए कि कैसे सिर्फ पानी बचाकर गांव आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं।