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क्या बिहार का बिमहास मानसिक अस्पतालों को लेकर आम नज़रिए को बदल सकता है?
बिहार सरकार द्वारा स्थापित बिमहास, उत्तर भारत में सार्वजनिक मानसिक स्वास्थ्य का केंद्र बन सकता है। इसके लिए मनोसामाजिक विकलांगता को लेकर जागरुकता अभियान और सहयोग की भी जरूरत होगी।एक खिलाड़ी जो लैंगिक भेदभाव के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई फुटबॉल के मैदान पर लड़ती है
मुंबई की 19 वर्षीय फुटबॉल कोच, नेत्रावती अपने समुदाय में लैंगिक मानदंडों पर जागरूकता फैलाने के लिए खेल का इस्तेमाल करती है और लड़कियों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करती है।कोविड-19 ने साफ़ किया है कि ग्रामीण रोज़गार को बनाए रखने में मनरेगा की क्या भूमिका है
एक अध्ययन के मुताबिक़ मनरेगा ने कोविड-19 के दौरान गांवों में रोज़गार की स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है लेकिन इसका बजट और जवाबदेही बढ़ाने की ज़रूरत है।अगर पुरुष लैंगिक भेदभाव जैसी समस्या का हिस्सा हैं तो वे इसके समाधान में भी शामिल हो सकते हैं
लैंगिक समानता हासिल करने के उद्देश्य से जारी कार्यक्रमों को महिलाओं और वंचित पुरुषों से आगे बढ़कर उन पुरुषों पर ध्यान देना चाहिए जिनके पास सत्ता और ताक़त है।भारत का एक ज़िम्मेदार और सक्रिय नागरिक कैसे बनें?
तरीके जिनकी मदद से एक नागरिक मतदान से इतर भी सरकार से जुड़कर स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण में हिस्सा ले सकता है।ग्रामीण महिला किसानों को सशक्त बनाने वाला एक मॉडल जो उन्हीं से मज़बूत बनता है
कभी आपदाओं से निपटने के लिए बनाया गया यह स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण महिला किसानों को खाद्य सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता से लेकर सार्वजनिक नेतृत्व तक के सबक़ सिखा रहा है।रोज़गार को लेकर भारतीय युवाओं को भविष्य से क्या उम्मीद करनी चाहिए
रोज़गार के मामले में वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलाव युवाओं के कौशल विकास और उनकी तरक्की की उम्मीद जगाते हैं।







