सेक्टर से
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आईडीआर इंटरव्यूज । सुषमा अयंगर
कच्छ में अपने अभूतपूर्व काम के लिए जानी जाने वाली सुषमा अयंगर आईडीआर से बातचीत में बता रही हैं कि उनका सारा ध्यान महिला अधिकार और ग्रामीण विकास पर क्यों हैं। साथ ही उन्हें क्यों लगता है कि आज महिला सशक्तिकरण का दायरा आर्थिक परिवर्तन तक सीमित है। -
युवाओं की ज़रूरतों को नहीं, उनकी इच्छाओं को समझना
एक युवा भारतीय केवल आमदनी के लिए रोज़गार नहीं चाहता है बल्कि वह स्वस्थ माहौल में ऐसा काम करना चाहता है जो उसके उज्जवल भविष्य की योजनाओं में मददगार हो। -
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“युवाओं की आवाज़ सुनी जानी चाहिए”
जमशेदपुर के एक स्वयंसेवी संस्था के संस्थापक के बारे में पढ़िये जो ट्रांसजेंडर, क्वीर और हाशिए पर जी रहे युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं। -
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फ़ोटो निबंध: एक कचरा प्रबंधन साइट से बढ़कर
गाजीपुर लैंडफिल की एक झलक जहां सैकड़ों अनौपचारिक मज़दूर कचरे को अलग करते हैं, रीसायकल करते हैं और फिर उसी कचरे को वापस अर्थव्यवस्था में संचारित कर देते हैं। -
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ग्रामीण भारत में मधुमेह का संकट क्यों गहराता जा रहा है?
ग्रामीण आंध्र प्रदेश में हुआ एक अध्ययन इशारा करता है कि इसका जवाब खान-पान की आदतों में बदलाव और किसानों का कम श्रम प्रधान फसलों की ओर झुकाव हो सकता है। -
महिलाओं के नेतृत्व को पहचानने के अवसर में तब्दील एक संकट
स्वयं शिक्षण प्रयोग की संस्थापक प्रेमा गोपालन से हुई बातचीत जिसमें वे महिलाओं के लिए आजीविका के स्थायी साधन के रूप में खेती की भूमिका पर बात कर रही हैं। -
स्थाई उत्पाद एवं आजीविका निर्माण
एक स्वयं सहायता समूह सदस्य और लीफ़ क्रशिंग मशीन ऑपरेटर बताती है कि कैसे उसकी पहली औपचारिक नौकरी से वह आत्मनिर्भर हुई और उसने अपने परिवार की आर्थिक मदद की। -
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बाल विवाहों को रोकने के लिए क़ानून बनाने के अलावा हमारे पास क्या विकल्प हैं?
बाल विवाह निषेध (संशोधन) अधिनियम 2021 में लड़कियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल करने का प्रस्ताव रखा गया है। लेकिन बाल विवाह को ख़त्म करने के लिए यह कदम काफ़ी नहीं होगा।