सेक्टर से
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क्या भूमि अधिकार महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है?
गुजरात में पैरालीगल कर्मचारी के जीवन का एक दिन जो महिलाओं के सम्पत्ति के अधिकार के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाती है। वह विधवाओं को ज़मीन का मालिकाना हक़ दिलवाने और ज़मीन के रिकॉर्ड पर उनका नाम दर्ज करवाने में उनकी मदद करती है। -
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ई-श्रम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं से जुड़ी अव्यवस्था
अपने ई-श्रम कार्ड रजिस्ट्रेशन के लिए देश भर के अनौपचारिक मज़दूरों को आर्थिक लाभ से जुड़ी अफ़वाहों, धोखाधड़ी और मुश्किल प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। -
पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल: आम लोगों के लिए एक नई उम्मीद
विवादों के निबटान और अतिक्रमण का शिकार हुए ज़मीनों को वापस समुदायों को दिलवाने के अलावा पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल सार्वजनिक भूमियों के संचालन और प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। -
ठीक होने की राह पर
नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों की सहायता करने वाले एक सलाहकार के जीवन का दिन। इस लत को छोड़ने में वह युवाओं की मदद के लिए अपने अनुभवों का इस्तेमाल करते हैं। -
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आईडीआर इंटरव्यूज | अरुणा रॉय
जानीमानी सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई और मनरेगा जैसे विभिन्न अधिनियमों के लिए किए गए आंदोलनों के पीछे एक प्रेरणा शक्ति के रूप में काम करने वाली अरुणा रॉय हमें बता रही हैं कि वास्तव में सहभागी आंदोलनों को टिकाऊ बनाए रखने के लिए क्या करना पड़ता है। और असहमति के अपने लोकतान्त्रिक अधिकार के लिए हमें क्यों लड़ना चाहिए। -
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लड़कियाँ और महिलाएँ राजनीति में अपना करियर क्यों नहीं बनाना चाहती हैं?
भारतीय राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी दूर की कौड़ी है। चूँकि साल 2022 में पाँच राज्यों में और 2024 में आम चुनाव होने वाले हैं इसलिए ज़रूरी है कि हम ऐसे तरीक़े ढूँढें जिससे कि लड़कियाँ और महिलाएँ राजनीतिक प्रक्रियाओं में हिस्सा ले सकें। -