सेक्टर से
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गिग कामगारों को बुनियादी अधिकार देने वाले कानूनों की राह इतनी कठिन क्यों है
लंबे समय तक एडवोकेसी और संघर्ष के बाद बने कानूनों से कई राज्यों में गिग और प्लेटफार्म कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का आश्वासन तो मिला है लेकिन इतना भर होना काफी नहीं है। -
पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके। -
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ई-केवायसी: भोजन के अधिकार की राह में खड़ी नई दीवार
राशन कार्ड के लिए ई-केवायसी प्रक्रिया में अस्पष्टता और इसकी असफलता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों की भोजन तक पहुंच को खतरे में डाल रही है। -
फोटो निबंध: ताड़ी से जुड़े पासी समुदाय पर आजीविका की दोहरी मार
गया के पासी समुदाय की आजीविका पीढ़ियों से ताड़ी से जुड़ी रही है। लेकिन शराबबंदी, घटते पेड़ और रोजगार की कमी से पलायन बढ़ा है, जिसका असर महिलाओं और बच्चों पर भी दिख रहा है। -
पंचायत से परामर्श तक: मानसिक स्वास्थ्य की अहम कड़ी
केरल में एक गैर-लाभकारी संस्था की स्थानीय शासन तंत्र के साथ साझेदारी दिखाती है कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को जनस्वास्थ्य प्रणाली में कैसे शामिल किया जा सकता है। -
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छोटे समूह, बड़ी संभावनाएं: सीमांत किसानों की नयी दिशा
सामूहिक खेती से किसान कम जमीन मिलाकर खेती कर सकते हैं, उपज बढ़ा सकते हैं और गुजर-बसर की खेती से आगे बढ़ सकते हैं। -
स्टूडियो और गांव के बीच: एक सामुदायिक आरजे का दिन
इस वीडियो में दिखेगा कि कैसे एक सामुदायिक आरजे स्क्रिप्ट, रिकॉर्डिंग और गांव के बीच अपने दिन को बांटती हैं। यह कहानी सामुदायिक रेडियो कार्यकर्ता के काम को समझने की कोशिश है। -
फोटो निबंध: बीमारी और एकाकीपन के बीच नमक उगाता अगरिया समुदाय
कच्छ के छोटे रण में नमक की खेती करने वाली अगरिया महिलाएं पानी, भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में जीने के लिए विवश हैं। -
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