पत्रकार
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अखबार और टीवी समाचारों की वे सुर्खियां जो आप तक नहीं पहुंच सकीं
पत्रकार जो देखते और सोचते हैं, क्या वे उसे जस का तस अपने पाठकों-दर्शकों तक पहुंचा पाते हैं? -
आईडीआर इंटरव्यूज | दयामनी बरला
झारखंड की आदिवासी कार्यकर्ता एवं पत्रकार दयामनी बरला बताती हैं कि कैसे वे जल, जंगल और जमीन से जुड़े आंदोलनों के जरिए लोगों को उनका हक दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष करती रही हैं।