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भारत में थैरेपिस्ट प्रशिक्षण में क्वीयर अनुभवों की अनदेखी
क्वीयर-अफर्मेटिव मानसिक स्वास्थ्य सेवा इतनी दुर्लभ क्यों हैं? क्योंकि मनोविज्ञान की शिक्षा में क्वीयर अनुभव अब भी केंद्र में नहीं, हाशिए पर है। -
नए पर्यावरण नियमों में खनन परियोजनाओं को जनसुनवाई से छूट क्यों दी जा रही है?
बीते दिनों राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों का हवाला देते हुए सरकार ने यूरेनियम, लिथियम सहित कई महत्त्वपूर्ण खनिजों की खनन परियोजनाओं को जनसुनवाई से छूट दे दी है। -
नेताओं और अफसरशाही को आईना दिखाता अंगिका भाषा का लोकगीत
अंगिका भाषा का यह लोकगीत ग्रामीण जीवन की कठोर वास्तविकताओं को सामने लाता है और प्रभावशाली वर्ग द्वारा शोषण और एकतरफा नीतियों की तीखी आलोचना करता है। -
भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली में वंचित समुदायों की उपेक्षा
बिहार में कारावास की हकीकत आज भी जातीय भेदभाव और ढांचागत पक्षपात से प्रभावित है, जिसे समावेशी और न्यायपूर्ण बनाने के लिए बुनियादी बदलाव की जरूरत है। -
फोटो निबंध: नीति निर्माण और स्थानीय संदर्भ-एक परस्पर संवाद की आवश्यकता
टिकाऊ और असरदार विकास योजनाएं तब बेहतर काम करती हैं जब वे ज़मीनी हकीकत, सामुदायिक भागीदारी और वास्तविक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जायें। -
सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 1
सरकार से जुड़ने से पहले संस्थाओं को न केवल यह मालूम होना चाहिए कि उन्हें कहां और किस स्तर पर जुड़ना है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इससे सरकार को क्या लाभ होगा। -
समाजसेवी संस्थाओं को सरकार के साथ जुड़कर काम क्यों करना चाहिए?
सरकार के साथ जुड़कर काम करने की चाह रखने वाली, समाजसेवी संस्थाओं के लिए पहले सरकार की विशेषता को भी अच्छे से समझना जरूरी है। -
भारत के अपराध कानून अपने नागरिकों को सजा कैसे देते हैं?
सुधार के दावों के बावजूद, भारतीय अपराध कानून आज भी बहुत असंगत तरीके सजा देते, नागरिक मामलों का अपराधीकरण करते और अंग्रेजों के जमाने के मूल्यों को ढोते दिखते हैं। -
सड़क कब और क्यों बनती है?
सालों पुराने सवाल का जवाब, शायद ही कोई जानता है। -
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भारत के विकलांगता कानून की एक झलक
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 विकलांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा और रोजगार से लेकर स्वास्थ्य तक के अधिकार देता है। -