पोषण
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तमिलनाडु के उदाहरण से समझिए मातृ मानसिक स्वास्थ्य पर संवाद की जरूरत क्यों है?
तमिलनाडु में बढ़ती गर्मी और प्रदूषण का नई माताओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, लेकिन इससे जुड़े नीतिगत हस्तक्षेपों के प्रयास अभी नजर नहीं आते हैं। -
पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके। -
ई-केवायसी: भोजन के अधिकार की राह में खड़ी नई दीवार
राशन कार्ड के लिए ई-केवायसी प्रक्रिया में अस्पष्टता और इसकी असफलता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों की भोजन तक पहुंच को खतरे में डाल रही है। -
महुआ: जलवायु संकट में भी बचा रह गया एक पारंपरिक भोजन
जलवायु परिवर्तन ने लगभग हर जगह खाद्य विविधता और परंपरागत भोजन संस्कृतियों को खतरे में डाल दिया है लेकिन महुआ इतने पर भी बचा हुआ है। -
देश में कुपोषण की स्थिति भयावह है, पर कितनी?
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि अभी भी हमारे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाएं और पांच साल तक की उम्र के अधिकतर बच्चे कुपोषण मुक्त नहीं हुए हैं। -
सरल कोश: न्यूट्रीशन या पोषण
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - पोषण। -
“मेरी एक गलती या देरी लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित कर सकती है”
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ की एक आशा सहयोगिनी के दिन का हाल जो स्वास्थ्य के साथ-साथ शराबबंदी, घरेलू हिंसा, भ्रष्टाचार जैसे तमाम मामलों पर अपनी आवाज बुलंद करने लगी है। -
जब पीनी पड़े चाय पे चाय, फिर भी काम ना हो पाए!
सरकारी दफ़्तर और ग़ैर-सरकारी संगठनों से जुड़े लोग, और वे नज़ारे जो चाहे-अनचाहे अक्सर ही दिख जाते हैं।