युवा सशक्तिकरण
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जुगनू: रेड लाइट एरिया में पली पीढ़ी की निराली मैगजीन
मुजफ्फरपुर, बिहार में चार पन्नों से शुरू हुआ 'जुगनू' अखबार आज 36 पेज की एक मैगजीन बन गया है और अब यहां के युवाओं को एक नई पहचान दे रहा है। -
नई इंटर्नशिप योजना: युवाओं की उड़ान या अधूरी पहचान?
भारत की नई इंटर्नशिप योजना एक मजबूत पहल है। लेकिन जागरूकता की कमी, ढीले नियम और स्थायी रोजगार की कमी इसे कमजोर बना सकते हैं। -
घुमंतू और विमुक्त जनजाति के युवाओं के लिए सामाजिक न्याय
एनटी-डीएनटी एक्टिविस्ट और अनुभूति संस्था की संस्थापक, दीपा पवार से सुनिए कि सामाजिक न्याय के व्यावहारिक प्रयास कैसे होने चाहिए। -
हाशिये पर मौजूद युवाओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े प्रयास कैसे होने चाहिए?
युवाओं से जुड़े मानसिक स्वास्थ्य के प्रयास तब अधिक प्रभावी होते हैं जब ये उनके लिए प्रासंगिक, लोगों पर ध्यान केंद्रित करने वाले और समुदाय द्वारा चलाए जाने वाले हों। -
क्या युवाओं को दूसरे देशों में श्रम कार्य करने भेजना एक सही फैसला है?
अपनी विशाल आबादी की बदौलत भारत, कई दशकों से अपनी युवा श्रम शक्ति के लिए योग्य रोजगार ढूंढ पाने में असफल एवं संघर्षरत रहा है। -
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क्या युवा सामाजिक मुद्दों में रुचि लेता है?
ये आंकड़े जो बता रहे हैं, ये आंकड़े क्या बता रहे हैं। -
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सामाजिक बदलाव लाने में युवाओं की रुचि कैसे जगाएं?
यह अब तथ्य है कि युवा उन्हीं कार्यक्रमों में रुचि लेते हैं जो उन्हें सशक्त बनाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं को हल और आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। -
सामाजिक संस्थाएं युवाओं का सहयोग कैसे कर सकती हैं?
पर्यावरण और नागरिक समाधान लाने वाले उद्देश्यों से युवाओं को जोड़े रखने के प्रयास करते हुए उनकी बदलती ज़रूरतों के साथ तालमेल रखना महत्वपूर्ण है। -
14-18 साल के बच्चों से जुड़े कार्यक्रमों में मददगार असर रिपोर्ट के पांच बिंदु
अगर आप शिक्षा या युवा सेक्टर में काम करते हैं तो यहां असर 2023 बियॉन्ड बेसिक्स रिपोर्ट के पांच आंकड़े दिए गए हैं जो बेहतर रणनीति बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं।