यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए।
31 मई 2024 को प्रकाशित
1. जब दिन भर की फील्ड विज़िट के बाद मैनेजर कहे कि ‘अभी तो केस स्टडी भी बनानी है’।

2. जब फील्ड विजिट के दौरान भीषण गर्मी कोई पानी भी ना पूछे।

3. जब निजी जीवन में चुनौतियों की बाढ़ आ रही हो, लेकिन डेडलाइन से पहले काम खत्म करना हो।

4. जब आपकी सैलरी बढ़ाने के समय आपको बोला जाए कि आप काबिल तो हो पर अभी फंड की दिक्कत है।

5. जब आपसे कहा जाए एक बाहरी प्रोजेक्ट आया है, इसे प्राथमिकता देकर सबसे पहले पूरा करना है।

लेखक के बारे में
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राकेश स्वामी आईडीआर में सह-संपादकीय भूमिका मे हैं। वह राजस्थान से जुड़े लेखन सामग्री पर जोर देते हैं। राकेश के पास राजस्थान सरकार के नेतृत्व मे समुदाय के साथ कार्य करने का एवं अकाउंटेबलिटी इनिशिएटिव, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मे लेखन एवं क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। राकेश ने आरटीयू यूनिवर्सिटी, कोटा से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक किया है।
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कुमारी रोहिणी इंडिया वॉटर पोर्टल की संपादकीय टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले वे आईडीआर हिन्दी में संपादकीय सलाहकार रह चुकी हैं। वे पेंगुइन रैंडम हाउस और रॉयल कॉलिन्स जैसे प्रकाशकों के लिए एक फ़्रीलांसर अनुवादक के रूप में काम करती हैं और साथ ही मिशेल ओबामा की बिकमिंग सहित विभिन्न पुस्तकों का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद किया है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया में कोरियाई भाषा एवं साहित्य का अध्यापन किया है। रोहिणी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से कोरियाई भाषा एवं साहित्य में एमए और पीएचडी किया है और इस क्षेत्र में पीएचडी करने वाली वे भारत की पहली शोधार्थी हैं।
