Staging Environment
हल्का-फुल्का

फंडर को क्या चाहिए? बस हमारा सुकून!

जीवन और उसकी अनंत चुनौतियों से आगे बस एक चीज है! फंडर्स की मांगें…कुछ ऐसी ही बात कहता एक जमीनी किस्सा।
10 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित

1. जब फंडर ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवाल पूछ ले। भाई…कोई हमें बताए यह रिपोर्ट है या यूपीएससी का एग्जाम।

एक दफ़्तर में लैपटॉप पर काम करती हुई महिला और उनसे बात करते एक पुरुष का चित्र_एनजीओ फंडिंग

2. पहले डेटा चाहिए था, फिर सक्सेस स्टोरी… और अब ‘टैन्जिबल इम्पैक्ट’ चाहिए, वो भी इंग्लिश में! प्रोग्राम की वजह से लड़कियां ‘फ्री’ महसूस कर रही हैं, इसका ग्राफ कैसे बनाएं?

एक दफ़्तर में लैपटॉप पर काम कर रही महिला बगल में बैठे एक पुरुष से सवाल पूछ रही है_एनजीओ फंडिंग

3. अगर 50 लाख होते तो ये टूटा पंखा कब का बदल गया होता… और नए लैपटॉप से रिपोर्ट लिख रहे होते!

फेसबुक बैनर_आईडीआर हिन्दी
एक दफ़्तर में महिला बैठकर लैपटॉप पर टाइपिंग कर रही है और उसके बगल में एक पुरुष भी बैठा हुआ है_एनजीओ फंडिंग
चित्र साभार: सुष्मिता नारायण

लेखक के बारे में