1. अपने आप को आईने में देख कर
उम्मीद:


असलियत:


2. पहली मीटिंग में डायरेक्टर से मिलने जाता है
उम्मीद:


असलियत:


3. मैनेजर से बात करते हुए
उम्मीद:


असलियत:


4. कलीग्स से पहली बार मिलते हुए
उम्मीद:


असलियत:


5. कम्युनिटी से मिलते हुए
उम्मीद:


असलियत:


लेखक के बारे में
- सिद्धार्थ आईडीआर में एडिटोरियल एसोसिएट हैं। इससे पहले वे यूथ की आवाज़ हिन्दी और युवानिया जैसे डिजिटल प्लैटफॉर्म्स के साथ संपादकीय भूमिका में काम कर चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जनसंगठनों के साथ काम करने वाली संस्था श्रुति के साथ लंबे समय तक काम किया है।
- राकेश स्वामी आईडीआर में सह-संपादकीय भूमिका मे हैं। वह राजस्थान से जुड़े लेखन सामग्री पर जोर देते हैं। राकेश के पास राजस्थान सरकार के नेतृत्व मे समुदाय के साथ कार्य करने का एवं अकाउंटेबलिटी इनिशिएटिव, सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च मे लेखन एवं क्षमता निर्माण का भी अनुभव है। राकेश ने आरटीयू यूनिवर्सिटी, कोटा से सिविल अभियांत्रिकी में स्नातक किया है।



