सेक्टर
फोटो निबंध: नीति निर्माण और स्थानीय संदर्भ-एक परस्पर संवाद की आवश्यकता
टिकाऊ और असरदार विकास योजनाएं तब बेहतर काम करती हैं जब वे ज़मीनी हकीकत, सामुदायिक भागीदारी और वास्तविक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जायें।जलवायु चर्चा से जुड़े पांच प्रचलित शब्द और उनके मायने
इस वीडियो में जलवायु संकट के बढ़ते प्रभावों के बीच पांच अहम शब्दों—जलवायु अनुकूलन, शमन, न्याय, हानि व क्षति, और सहनशीलता—को आसान भाषा में समझाया गया है।समुदाय से संवेदना तक: मानसिक स्वास्थ्य में भागीदारी का सफर
जब कोई कार्यक्रम किसी लोगों के अनुभवों से मिलकर तैयार किया जाए तो वह अधिक मानवीय, नवीन और समानता आधारित होता है।आईडीआर से समझिए: सामुदायिक संसाधन या कॉमन्स क्या हैं?
सामुदायिक संसाधनों के प्रकार, इतिहास, संरक्षण प्रयासों और कानून पर वह सबकुछ जो आपको जानना चाहिए।अगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए।बुंदेलखंड की चप्पल प्रथा: स्वाभिमान की कीमत पर सम्मान
बुंदेलखंड इलाके के ललितपुर जिले में आज भी चप्पल प्रथा कायम है जो दलित समुदाय खासकर, महिलाओं के लिए अपमान और असुविधा का कारण बन रहा है।आदिवासी समूहों की एकजुट पहल: जल और जमीन पर अधिकार की मांग
आदिवासी जनजातियां भू-अधिकारों और मत्स्य पालन को लेकर संगठित हो रही हैं, ताकि अपनी पारंपरिक आजीविका को सुरक्षित रख सकें।स्वास्थ्य और विकलांगता पर काम कर सशक्त होती पंचायतें
स्वास्थ्य क्षेत्र और विकलांगजन हित में काम करने से ग्राम पंचायतें प्रभावी और संवेदनशील बनती है, जिससे उनका सशक्तिकरण होता है।