सेक्टर
पीढ़ी दर पीढ़ी आने वाले सामाजिक बदलावों में बहुत समय और धैर्य लगता है
नट सरीखे पारंपरिक प्रथाओं को मानने वाले समुदाय के साथ काम करते हुए समय, धैर्य और सामाजिक जटिलताओं को गहरी समझ की ज़रूरत होती है।महिला सशक्तिकरण की सबसे बड़ी बाधा बनने वाला पितृसत्तात्मक समझौता क्या है?
कई बार महिलाएं उनके दमन के कारकों के खिलाफ खड़े होने की बजाय उन्हें मज़बूत करने लगती हैं जो उन्हें केवल अस्थाई लाभ दे सकते हैं।फोटो निबंध: अपने श्रम अधिकारों के लिए साकी नाका के श्रमिकों का संघर्ष
मुंबई के कुर्ला में हमाल श्रमिक उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में संघर्ष कर रहे हैं। हालांकि, अब वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।कक्षाओं से निकलकर पर्यावरण शिक्षा हासिल करते तमिलनाडु के बच्चे
ग्रामीण और शहरी बच्चे पर्यावरण को अलग-अलग नज़रिए से देखते और समझते हैं और उनकी जानकारी के स्तर में भी जमीन-आसमान का फर्क दिखता है।मध्य प्रदेश के आदिवासी, जंगलों की आग रोकने के लिए परंपराएं तक छोड़ रहे हैं
मध्य प्रदेश, जंगल की आग से प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर आता है लेकिन अब आदिवासियों और वन विभाग के साझा प्रयास स्थिति को बदल रहे हैं।संपत्ति समावेशन क्या है और यह नागरिक अधिकारों से कैसे जुड़ता है?
भारत में संपत्ति क्षेत्र पर हालिया अध्ययन ने हाशिए पर रहने वाले और कमजोर समुदायों के लिए संपत्ति अधिकारों की चुनौतियों को उजागर किया है।क्या कृषि और जल संकटों का हल ग्राम स्वराज में मिल सकता है?
ग्राम स्वराज का सिद्धांत, गांवों को राजनीतिक स्वायत्तता देने के साथ-साथ जल संरक्षण, कृषि विकास और किसान कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।भारत के इलेक्ट्रिक वाहनों से भरे कल में मैकेनिक कहां दिखते हैं?
भारत की पर्यावरण प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन जैसी समस्याओं का हल ई-वाहनों में खोजा जा रहा है लेकिन क्या परंपरागत वाहनों को सुधारने वाले अनगिनत मैकेनिक भी इसमें शामिल हैं?विकलांगता और लैंगिक भेदभाव से लड़कर मैं अपने लोगों की मदद कर रही हूं
बाड़मेर, राजस्थान की एक कार्यकर्ता के जीवन के एक दिन का हाल जिसमें वे मानव अधिकारों से जुड़े अपने निजी और सार्वजनिक संघर्षों पर बात कर रही हैं।