सेक्टर
एक लड़की, जिसने हर हाल में शिक्षा को चुना
कर्नाटक के रायचूर की एक युवा फील्ड कोऑर्डिनेटर के जीवन का एक दिन। उसकी उस यात्रा के साथ, जहां वह कभी स्कूल छोड़ने की कगार पर थी, लेकिन आज अपने साथ-साथ अपने परिवार और समुदाय का सहारा बन चुकी है।शिक्षा से रोज़गार तक: युवा श्रम बल पर एपीयू रिपोर्ट के 6 मुख्य बिंदु
सामाजिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए यह रिपोर्ट विशेष रूप से उपयोगी है, क्योंकि यह युवाओं, शिक्षा व रोज़गार को व्यापक संदर्भ में प्रस्तुत करती है। नीतिगत समझ बेहतर बनाने के साथ-साथ यह हस्तक्षेप की दिशा तय करने में भी सहायक है।हम आदिवासियों के स्वास्थ्य की जड़ें जंगल में हैं
कर्नाटक के आदिवासियों के लिए स्वास्थ्य और जीवनयापन के मुद्दे, जंगलों से उनके गहरे रिश्ते और विस्थापन के इतिहास में निहित हैं। इसलिए स्वास्थ्य का सवाल केवल दवाओं या अस्पतालों से नहीं, बल्कि हमारे अधिकारों, परंपराओं और गरिमा से भी जुड़ा हुआ है।कॉमन्स और बाजार के बीच कहां खड़े हैं वन आश्रित समुदाय?
समुदायों की बाज़ार में समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाली व्यवस्थाओं को मजबूत करने के साथ यह तय करना भी जरूरी है कि वन और प्रकृति, बाजार की ताकतों के अधीन न हो जाएं।भारत की डिजिटल वेलफेयर व्यवस्था बुनियादी अधिकारों को कमज़ोर कर रही है
नियंत्रण और निगरानी को प्राथमिकता देने वाली डिजिटल वेलफेयर प्रणालियां, सुलभता और गरिमा को दरकिनार कर लोगों को भोजन, काम और शिक्षा जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित कर रही हैं।महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा रोकने की स्थायी राह कैसे खुलेगी?
लैंगिक असमानताएं सामाजिक और संस्थागत ढांचों में गहराई से जड़ें जमाए हैं। अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाली महिलाएं और लड़कियां हर रोज इसका सामना करती हैं।ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक को क्यों निरस्त किया जाना चाहिए
एलजीबीटीक्यूआईए+ कलेक्टिव द्वारा जारी बयान में 2026 के ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक की आलोचना की गई है। इस आलोचना में साक्ष्यों की कमी, अपर्याप्त परामर्श, और हाशिए के समुदायों का बहिष्कार जैसे कई कारण शामिल हैं। न छांव, न सुरक्षा: दिल्ली के लेबर चौकों पर मजदूरों का संघर्ष
दिल्ली के लेबर चौकों पर काम करने वाले मजदूरों को उम्र के आधार पर भेदभाव, कम मजदूरी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करना पड़ता है। जानें, कैसे निष्क्रिय कल्याणकारी राशि के उपयोग से इन्हें बेहतर बनाया जा सकता है।