पर्यावरण
जलवायु से जुड़ी खबरों पर आम लोगों का रुख कैसा होता है?
भारत समेत आठ देशों में रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म द्वारा किया गया एक ऑनलाइन अध्ययन बताता है कि जलवायु से जुड़ी खबरें लोगों को कितना जागरुक बना पाती हैं।फ़ोटो निबंध: पश्चिम बंगाल के मछुआरे खेती को अपना नया पेशा क्यों बना रहे हैं?
जलवायु परिवर्तन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के कारण पश्चिम बंगाल के तटीय इलाक़ों में बसे मछुआरा समुदायों को आजीविका संकट झेलना पड़ रहा है।लेह का एक इन्वायरमेंटलिस्ट अपने गांव के लोगों को कचरा प्रबंधन के तरीक़े सिखाता है
अर्थशास्त्र में बीए करने वाले इन्वायरमेंटलिस्ट के जीवन का एक दिन जो अपने गांव में कचरा प्रबंधन और इकोटूरिज़्म के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्रैम और एनिमेटेड फ़िल्मों का इस्तेमाल करता है।फ़ोटो निबंध: जलवायु परिवर्तन पर सबक
जलवायु से प्रेरित आपदाओं की बढ़ती संख्या और संभावनाओं को देखते हुए जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदना रखने वाले समुदाय इन त्रासदियों से बचने के लिए अनूठे उपाय अपना रहे हैं।फोटो निबंध: घरेलू वायु प्रदूषण का महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलिंडरों का उपयोग बढ़ा है। लेकिन अब भी कई सारी औरतें लकड़ी जलाकर खाना पकाती हैं। लकड़ी जैसे जैविक ईंधन के इस उपयोग का औरतों के स्वास्थ्य पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।फ़ोटो निबंध: प्रदूषण और कचरे के ढेर में दबता हुआ हिमालय
कचरा प्रबंधन के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक पर देश भर में लगे प्रतिबंध को लागू करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्र में।फ़ोटो निबंध: एक कचरा प्रबंधन साइट से बढ़कर
गाजीपुर लैंडफिल की एक झलक जहां सैकड़ों अनौपचारिक मज़दूर कचरे को अलग करते हैं, रीसायकल करते हैं और फिर उसी कचरे को वापस अर्थव्यवस्था में संचारित कर देते हैं।