सामाजिक संगठन
“आपका सबसे बड़ा दुश्मन आपका डर है”
सिविल सोसाइटी में काम करना कभी आसान नहीं रहा। लेकिन हम सबको खुद से यह सवाल पूछना होगा कि आखिर हम किसके पक्ष में खड़े हैं?महिलाओं के काम का हिसाब आख़िर कब होगा?
वर्ल्ड इनइक्वेलिटी रिपोर्ट 2026 बताती है कि महिलाओं के साथ आर्थिक ग़ैर-बराबरी सिर्फ़ वेतन तक सीमित नहीं है। यह उनके काम, आय, संपत्ति और अवसर, हर स्तर पर नज़र आती है।जंगल के बीच पुस्तकालय चलाने वाले लाइब्रेरियन की कहानी
क़रीब 2,000 कालजयी साहित्यिक रचनाओं वाली इस लाइब्रेरी से ग़रीब मुतुवन आदिवासी नियमित तौर पर किताबें ले जाते हैं, पढ़ते हैं, और वापस कर जाते हैं।क्या शहरों की यातायात से जुड़ी समस्याओं का समाधान सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन हैं?
भारत में बिजली से चलने वाले परिवहन के बढ़ते उपयोग के बीच, पटना और लखनऊ का अनुभव दिखाता है कि शहरी आवाजाही का भविष्य केवल तकनीक नहीं, बल्कि सुरक्षित, सुलभ और समावेशी परिवहन पर भी निर्भर करेगा।बदलाव की योजना: थ्योरी ऑफ चेंज कैसे काम करती है?
थ्योरी ऑफ चेंज एक तरह का रोडमैप है। यह बताता है कि हम आज कौन सी समस्या देख रहे हैं, उसे कैसे हल किया जा सकता है, और हमारे काम का क्या दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है।