नागरिक संगठन
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क्यों सामाजिक संस्थाओं को लोकल और ग्लोबल स्तर पर साथ काम करना चाहिए
आने वाले समय में सामाजिक संस्थाओं की प्रासंगिकता इस बात से भी तय होगी कि छोटे स्तर पर किए जा रहे उनके प्रयास वैश्विक तस्वीर का हिस्सा किस तरह से बन रहे हैं। -
जब हेडऑफिस से कोई विज़िट पर आता है…
हेडऑफिस वालों की फील्ड विज़िट के दौरान ज़मीनी कार्यकर्ता क्या करते हैं, जानिए उन्हीं की ज़ुबानी। -
क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था में सुधार का वक्त आ गया है?
हमें राजनीति में खेल के नियमों को बदलने की जरूरत है क्योंकि इसने सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को राजनीतिक प्रक्रिया पर हावी होने दिया है। -
जलवायु परिवर्तन से जुड़े साझा प्रयासों में जी20 की भूमिका
जी20 में, सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर, ग्लोबल साउथ में जलवायु अनुकूलन के लिए प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाने की क्षमता है। -
एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने का सबसे ज्यादा नुकसान किसे होगा?
समाजसेवी संस्थाओं के एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने का असर बढ़ी हुई बेरोज़गारी, हताश समुदाय और कमजोर लोकतंत्र के रूप में दिख सकता है। -
एफसीआरए क्या है और समाजसेवी संस्थाओं के लिए यह महत्वपूर्ण क्यों है?
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) का इतिहास, भारतीय समाजसेवी संस्थानों पर प्रभाव और इससे जुड़े विवादों की जानकारी। -
कैसे समाजसेवी संगठन अपनी कहानी सकारात्मकता से कह सकते हैं?
सामाजिक संगठनों का अपने कार्यक्रमों की पिच तैयार करते हुए सकारात्मक भाषा और उदाहरण अपनाना सोच बदलने वाला साबित होगा। -
समाजसेवी संस्थाएं क़ानून निर्माण की प्रक्रिया में जन-सहभागिता को कैसे संभव बनाती हैं
जन-समुदायों को कानून बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की ज़मीनी पकड़ और समझ का फायदा उठाया जा सकता है। -
आत्मदाह और एसिड हमले के पीड़ितों को मुख्यधारा में कैसे लाया जाए?
एसिड हमले और आत्मदाह के पीड़ितों को ऐसे पुनर्वास कार्यक्रमों की जरूरत है जिनमें समाज और वे खुद भी उन्हें उनके बदले स्वरूप में स्वीकार कर सकें। -
समाजसेवी संस्थाओं के लिए तकनीक से संबंधित कुछ जरूरी सुझाव
तकनीक संबंधी ज़रूरतों और चुनौतियों के मामले में समाजसेवी संस्थाओं की मदद करने वाली संस्था सीएक्सओ के कुछ सुझाव जो एनजीओ लीडर्स के काम आ सकते हैं। -
बुजुर्गों के लिए बनी एक हेल्पलाइन समाजसेवी संस्थाओं को विस्तार के तरीके सिखाती है
किसी कार्यक्रम को बनाना और उसे विस्तार देना चुनौतीपूर्ण काम है, यह आलेख बुजुर्गों की सहायता के लिए बनाई गई एक हेल्पलाइन के जरिए बताता है कि इन चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है। -
गढ़चिरौली की एक युवा-आदिवासी सरपंच जो न नक्सलियों से डरती है, न पुलिस से
एक युवा-आदिवासी महिला सरपंच के जीवन का एक दिन जो अपने समुदाय को कागजी कार्रवाई करने से लेकर आपात परिस्थितियों में मदद पहुंचाने तक का काम करती है।