समाजसेवी संस्था
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आर्थिक, सामाजिक या स्वास्थ्य से जुड़े प्रयासों के लिए साझेदारी कैसे करें?
पांच सुझाव जो साझेदारियों को सफल बनाने और इनसे अधिकतम लाभ उठाने के काम आ सकते हैं। -
बुजुर्गों के लिए बनी एक हेल्पलाइन समाजसेवी संस्थाओं को विस्तार के तरीके सिखाती है
किसी कार्यक्रम को बनाना और उसे विस्तार देना चुनौतीपूर्ण काम है, यह आलेख बुजुर्गों की सहायता के लिए बनाई गई एक हेल्पलाइन के जरिए बताता है कि इन चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है। -
समाजसेवी संस्थाएं अपने कार्यक्रमों की साझेदारी कैसे तैयार कर सकती हैं?
साझेदारी से समाजसेवी संस्थाएं अपने विचार और नजरिए को विस्तार दे सकती हैं, ऐसा करने के लिए संगठनों को उपयुक्त साथी की जरूरत होती है जिसमें नीचे दिए गए सुझाव काम आ सकते हैं। -
चार जनजातियां, चार व्यंजन और परंपरागत खानपान पर ज्ञान की चार बातें
चार जनजातियों के रसोइये अपने व्यंजनों के साथ अपनी खाद्य संस्कृति पर आए खतरों पर चर्चा कर रहे हैं क्योंकि जंगलों के खत्म होने के साथ उनके समुदाय आजीविका के लिए संघर्ष करते हुए शहरों का रुख करने लगे हैं। -
समाजसेवी संस्थाओं में नेतृत्व परिवर्तन के दौरान क्या ग़लतियां हो सकती हैं?
आईडीआर से बातचीत में सफीना हुसैन और महर्षि वैष्णव ‘एजुकेट गर्ल्स’ में नेतृत्व परिवर्तन (लीडरशिप ट्रांज़िशन) से जुड़े अपने अनुभव साझा कर रहे हैं और कुछ कारगर सुझाव भी दे रहे हैं। -
एक एनजीओ के लिए ट्रू कॉस्ट फंडिंग कैसे हासिल करें?
ट्रू कॉस्ट फंडिंग क्या है, इसे कैसे हासिल करें और वह सब कुछ जो एनजीओ लीडर्स के लिए जानना जरूरी है। -
फ़ोटो निबंध: भारत की आदिवासी महिला नेता क्या अलग कर रही हैं?
महिलाओं को सशक्त बनाने और युवा लड़कियों के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने से लेकर अपने लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने तक का काम कर रही आदिवासी नेताओं के जीवन की झलक। -
समाजसेवी संस्थाओं में नेतृत्व बदलने की प्रक्रिया क्या और कैसी होनी चाहिए?
सहज नेतृत्व परिवर्तन एक संभव लेकिन कठिन काम है, संगठनात्मक परिवर्तन की प्रक्रिया से जुड़े कुछ सुझाव यहां दिए जा रहे हैं जो इसे सरल बनाते हैं। -
समाजसेवी संस्थाएं फंडरेजिंग की रणनीति कैसे बनाएं?
शोध, नेटवर्किंग, लीडरशिप और टीम तैयार करने से जुड़े ये नौ सुझाव अपनाकर समाजसेवी संस्थाएं बेहतर फंडरेजिंग हासिल कर सकती हैं। -
भारत में कामकाजी महिलाएं क्या और क्यों चाहती हैं?
एफएसजी का एक अध्ययन रोज़गार के प्रति महिलाओं के नज़रिए और प्राथमिकता को दिखाता है और श्रमबल में उनकी भागीदारी में परिवार और समाज की भूमिका पर बात करता है। -
समाजसेवी संगठन वॉलंटीयरिंग का सही इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
यदि वॉलंटीयरिंग सही ढंग से की जाए तो यह समाजसेवी संगठन और स्वयंसेवकों दोनों के लिए फ़ायदेमंद होता है, इसकी शुरूआत से जुड़े कुछ सुझाव। -
सामाजिक व्यवहार परिवर्तन में रीति-रिवाज एक बड़ी भूमिका निभा सकते हैं
पारंपरिक प्रथाओं और रीति-रिवाजों को अक्सर आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान और बायोमेडिकल सुझावों से उलट अंधविश्वास की तरह देखा जाता है, लेकिन ऐसा करना सही नहीं।