आदिवासी अधिकार
घुमंतू जनजातियां शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित क्यों हैं?
सामाजिक कल्याण योजनाएं बनाते हुए अक्सर खानाबदोश और अधिसूचित जनजातियों के लिए सार्वजनिक सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है जिसे बदले जाने की ज़रूरत है।समुदाय अपने प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए सत्याग्रह कैसे करें?
छत्तीसगढ़ में बीते 12 सालों से चल रहा कोयला सत्याग्रह कुछ सीखें देता है जिनकी मदद से पर्यावरण की रक्षा के लिए एक मज़बूत जन-आंदोलन खड़ा किया जा सकता है।मध्य प्रदेश में आदिवासियों को उनके वन अधिकार क्यों नहीं मिल पा रहे हैं?
वन अधिकार अधिनियम, आदिवासियों को जंगल और जमीन का अधिकार तो दे देता है लेकिन उनके कागज नहीं दिलवा पा रहा है।मुख्यधारा के मीडिया से भारत के आदिवासी समुदाय गायब हैं
शिखा मंडी संथाली भाषा में काम करने वाली भारत की पहली रेडियो जॉकी हैं और यहां वे जनजातीय समुदायों के मीडिया प्रतिनिधित्व और उसके असर पर बात कर रही हैं।