सरकार और समर्थन
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आपदा प्रबंधन, केरल और ओडिशा से सीखा जा सकता है
केके शैलजा (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, केरल) और लिबी जॉनसन (ग्राम विकास) से आईडीआर की बातचीत जिसमें वे आपदाओं से निपटने की सरकारी रणनीति और जन-संगठनों के आपसी सहयोग पर बात कर रही हैं। -
भारत में विकलांगता पेंशन योजना की असफलता के कारण क्या हैं?
भारत में विकलांगता पेंशन योजना के असफल होने की वजह कम आर्थिक मदद, सख्त नियम और अलगाव करने वाले पात्रता मानदंड हैं, इन्हें कैसे बदला जा सकता है? -
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क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था में सुधार का वक्त आ गया है?
हमें राजनीति में खेल के नियमों को बदलने की जरूरत है क्योंकि इसने सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को राजनीतिक प्रक्रिया पर हावी होने दिया है। -
समाजसेवी संस्थाएं क़ानून निर्माण की प्रक्रिया में जन-सहभागिता को कैसे संभव बनाती हैं
जन-समुदायों को कानून बनाने की प्रक्रिया में शामिल करने के लिए समाजसेवी संस्थाओं की ज़मीनी पकड़ और समझ का फायदा उठाया जा सकता है। -
भारत के भूमि क़ानून महिलाओं को भूमि अधिकार दिला पाने में सक्षम क्यों नहीं हैं?
भारत के भूमि क़ानून सैद्धांतिक रूप से तो महिलाओं को भूमि अधिकार देते हैं लेकिन इन्हें जिस तरह से लागू किया जाता है, वह एक बड़ी बाधा है। -
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मनरेगा के बारे में वह सबकुछ जो आपको जानना चाहिए
मनरेगा योजना से महिला और प्रवासी मज़दूरों को क्या लाभ मिल रहे हैं और तमाम राज्यों में इसका प्रदर्शन कैसा है? -
समाजसेवी संगठन, सरकार के साथ सहजता से काम करने के लिए इन पांच रणनीतियों को अपना सकते हैं
सरकार के साथ काम करने की अपनी चुनौतियां और फ़ायदे हैं। समाजसेवी संगठन कुछ सावधानियां बरतकर, व्यवस्था के साथ अधिक टिकाऊ और प्रभावी भागीदारी तैयार कर सकते हैं। -
कोविड-19 ने साफ़ किया है कि ग्रामीण रोज़गार को बनाए रखने में मनरेगा की क्या भूमिका है
एक अध्ययन के मुताबिक़ मनरेगा ने कोविड-19 के दौरान गांवों में रोज़गार की स्थिति को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है लेकिन इसका बजट और जवाबदेही बढ़ाने की ज़रूरत है। -
भारत का एक ज़िम्मेदार और सक्रिय नागरिक कैसे बनें?
तरीके जिनकी मदद से एक नागरिक मतदान से इतर भी सरकार से जुड़कर स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नीति-निर्माण में हिस्सा ले सकता है। -