विविधता और समावेश
देश के अलग-अलग इलाकों और समुदायों के संदर्भ में विविधता, न्यायसंगत बराबरी और सामाजिक बहिष्करण से जुड़े मुद्दों को सामने लाना।
नारीवादी नैतिकता और हालिया कानूनी नजरिए में क्या और कितना अंतर है?
नारीवादी नजरिया कहता है आरोपी, पीड़ित और समाज तीनों के लिए न्याय की भावना बनी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम और व्यक्ति को साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।फोटो निबंध: उत्तर त्रिपुरा के गौर समुदाय की पलायन यात्रा
कभी बांग्लादेश से त्रिपुरा की ओर पलायन करने वाला गौर समुदाय आज रबर की खेती के कारण खराब जमीन और पानी के संकट से जूझ रहा है।हमारे कानूनों को हिंदी में पढ़ना और समझ पाना इतना कठिन क्यों है?
जनहित के लिहाज से सबसे जरूरी कानूनों को भी जिस तरह की हिंदी में लिखा जाता है, उसे समझने के लिए आम लोग तो छोड़िए हिंदी के जानकारों को भी कई बार शब्दकोश देखना पड़ सकता है।विकलांगता पर संवेदनशील पत्रकारिता: एक मार्गदर्शिका
विकलांगता के विषय पर होने वाली रिपोर्टिंग की भाषा में संवेदनशीलता की जरूरत है।त्रिपुरा का मैतेई समुदाय अपने परंपरागत वाद्य को कैसे बचा सकता है?
त्रिपुरा में मैतेई त्योहारों का अभिन्न अंग रहा, पारंपरिक वाद्य पेना अब कई तरह की चुनौतियों के चलते विलुप्त होने की कगार पर खड़ा है।साल 2024 में विकास के लिहाज से हमने क्या सीखा?
सुनिए चर्चा सामाजिक समस्याओं के समाधान में आने वाली बॉटलनेक, सिस्टम थिंकिंग और इससे जुड़े कई और विषयों पर।संपत्ति समावेशन क्या है और यह नागरिक अधिकारों से कैसे जुड़ता है?
भारत में संपत्ति क्षेत्र पर हालिया अध्ययन ने हाशिए पर रहने वाले और कमजोर समुदायों के लिए संपत्ति अधिकारों की चुनौतियों को उजागर किया है।