सरल कोश: हैमलेट क्या होता है और इसे समझना क्यों ज़रूरी है?
हैमलेट की पहचान और उसकी स्थिति को समझना संस्थाओं के लिए इसलिए उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे किसी इलाके में सेवाओं, सुविधाओं और संसाधनों की पहुंच का अधिक बारीकी से आकलन किया जा सकता है।पलायन के साये में महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य
झारखंड की ग्राम पंचायत मुखिया पिंकी बारदा बता रही हैं कि पलायन से प्रभावित गांवों में महिलाओं का जीवन किन चुनौतियों, अकेलेपन और आपसी सहारे के बीच गुज़रता है।मेघालय में फुटबॉल से ज़िंदगी के मैदान पर उतरते युवा
शिलांग का यह फुटबॉल क्लब बच्चों को सिर्फ खेल नहीं, ज़िंदगी जीना भी सिखा रहा है। देखिए मेघालय से हमारी यह कहानी।जब औरतों के नारों से गूंज उठेंगी सड़कें
1400 महिलाओं की मज़दूर यूनियन बनने के पीछे क्या है संघर्ष की कहानी? देखिए कैसे घर से बीड़ी बनाने वाली महिलाओं ने शोषण के खिलाफ़ अपनी आवाज़ बुलंद की।सरल कोश: बेसलाइन सर्वे क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?
जब कोई संस्था किसी नए कार्यक्रम या पहल की शुरुआत करती है, तो ‘बेसलाइन सर्वे’ शब्द अक्सर उसकी शुरुआती तैयारियों में सुनने को मिलता है।वेस्ट एशिया का युद्ध और भारत की कृषि: खाद, ईंधन और खाद्य सुरक्षा की जंग
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर केवल वैश्विक राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की खेती, खाद की उपलब्धता, ऊर्जा लागत और खाद्य सुरक्षा को भी यह प्रभावित कर रहा है।सरल कोश: वॉश क्या होता है और यह क्यों ज़रूरी है?
वॉश उन बुनियादी सुविधाओं और आदतों की बात करता है जो लोगों को स्वस्थ, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करती हैं।रूढ़ियों को तोड़कर दीवारों को जोड़ती एक महिला ठेकेदार
ईंट, सीमेंट और सरिया के काम को पुरुषों का काम कहा जाता है। जानिए निर्माण स्थल की चुनौतियों, मज़दूरों के समन्वय और रोज़मर्रा की ज़िम्मेदारियों के बीच एक महिला कान्ट्रैक्टर के अनुभव क्या हैं।दलितों के स्वाभिमान का साहित्य है लोकगाथा सलहेस
राजा सलहेस सिर्फ बिहार या किसी एक जाति विशेष की लोकगाथा का नायक नहीं, बल्कि बहुजन समाज के साझा नायक हैं। सलहेस की लोकगाथा प्रेम, संवेदना, विद्रोह और सामाजिक न्याय की अनूठी अभिव्यक्ति है।बदलाव की योजना: थ्योरी ऑफ चेंज कैसे काम करती है?
थ्योरी ऑफ चेंज एक तरह का रोडमैप है। यह बताता है कि हम आज कौन सी समस्या देख रहे हैं, उसे कैसे हल किया जा सकता है, और हमारे काम का क्या दीर्घकालिक प्रभाव हो सकता है।गर्मी हर साल पड़ती है… पर इसका हल क्या है?
गर्मी तो हर साल पड़ती है, लेकिन उससे निपटने के हर किसी के अपने-अपने जुगाड़ हैं—कहीं सलाह चल रही है, कहीं स्पीड, और कहीं बस काम।