कैपेसिटी बिल्डिंग
नेतृत्व और प्रतिभा, संचार, फंड की व्यवस्था और तकनीक पर सर्वोत्तम अभ्यास (बेस्ट प्रैक्टिस), सीख और कार्यात्मक सलाह।
सरल कोश: स्पेशल एजुकेशन
अंग्रेजी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - स्पेशल एजुकेशन।संस्थाओं के लिए फंडरेजिंग के कुछ कारगर उपाय
वित्तीय संकट के दौर में संस्थाओं के लिए फंडरेजिंग के विविध माध्यम तलाशना जरूरी है।सरल कोश: फ्रंटलाइन वर्कर
फ्रंटलाइन वर्कर किसी दफ्तर या मीटिंग रूम तक सीमित नहीं होते, बल्कि गांवों, मोहल्लों और बस्तियों में जाकर समुदायों के साथ काम करते हैं।कम्युनिटी लीडरशिप क्या होती है? जानिए जमीनी अनुभव से
कम्युनिटी लीडरशिप का यह मॉडल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम असल में लोगों को लीड करने का मौका दे रहे हैं, या बस उनके लिए फैसले ले रहे हैं?सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 2
वीडियो के इस भाग में हम बात कर रहे हैं, अगले कदम की— यानी, अधिकारियों से प्रभावी संवाद और बेहतर संबंध कैसे स्थापित करें।समावेशी कॉन्फ्रेंस: एक ऐसा मंच, जहां हर आवाज सुनी जाए
असल समावेश एक तटस्थ मंजिल नहीं, बल्कि एक रास्ता है जो हर पल खुलता रहता है। कभी-कभी अच्छे इरादों से किए गए प्रयास पूरी तरह से सफल नहीं होते, लेकिन इससे हमें नए अनुभव और विचार सीखने को मिलते हैं।सरल कोश: एडवोकेसी
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश - विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या– एडवोकेसी।समुदाय से संवेदना तक: मानसिक स्वास्थ्य में भागीदारी का सफर
जब कोई कार्यक्रम किसी लोगों के अनुभवों से मिलकर तैयार किया जाए तो वह अधिक मानवीय, नवीन और समानता आधारित होता है।सरल कोश: फिलान्थ्रॉपी
अंग्रेज़ी-हिंदी शब्दकोश: विकास सेक्टर में इस्तेमाल होने वाले कठिन शब्दों की सरल व्याख्या - फिलान्थ्रॉपी।सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 1
सरकार से जुड़ने से पहले संस्थाओं को न केवल यह मालूम होना चाहिए कि उन्हें कहां और किस स्तर पर जुड़ना है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इससे सरकार को क्या लाभ होगा।विकास सेक्टर में अपना डिजिटल फुटप्रिंट कैसे तैयार करें?
डिजिटल एक्टिविज़म में सोशल मीडिया हैशटैग कैंपेन, ऑनलाइन याचिकाएं, क्राउडफंडिंग और कंटेंट क्रिएशन जैसे उपाय तरीके शामिल हैं।नई इंटर्नशिप योजना: युवाओं की उड़ान या अधूरी पहचान?
भारत की नई इंटर्नशिप योजना एक मजबूत पहल है। लेकिन जागरूकता की कमी, ढीले नियम और स्थायी रोजगार की कमी इसे कमजोर बना सकते हैं।