हल्का-फुल्का
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रिपोर्ट लिखने के दौरान आने वाली कठिनाइयां
पंचायत सीरीज के नज़रिए से जानिए कि ज़मीनी कार्यकर्ताओं को किस तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, जब रिपोर्ट लिखने की बात आती है। -
एक बार जब… स्कूल में एक अफ़वाह उड़ी
और, उस अफ़वाह को सुनकर स्कूल में जो हुआ, वो बहुत मज़ेदार था। -
यह आपकी अंतरात्मा की आवाज़ है… शायद?
आमतौर पर विकास सेक्टर में काम करने वाले विपरीत परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते हैं, लेकिन ऐसे में उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, यहां जानिए। -
हीरामंडी के बहाने जानिए समाजसेवी संस्थाओं की भावनाएं
विकास सेक्टर में आपको हीरामंडी जितना ही ड्रामा और इमोशन मिलेगा। -
अप्रेजल पर बातचीत के दौरान आपकी ईमानदार प्रतिक्रियाएं
काश! इस बातचीत में आप वो सब कुछ कह पाते जो वास्तव में आपके मन में था। -
एक किस्सा सफलता की कहानियों का
सामाजिक सेक्टर में काम करते हुए अक्सर सफलता की कहानियों को इकट्ठा करने पर बहुत ज़ोर दिया जाता है, इससे जुड़े कुछ किस्से आप यहां देख सकते हैं। -
चिराग तले अंधेरा
समाजसेवी संस्थाओं के उद्देश्य और उससे अलग राह जाती उनकी नीतियां। -
‘एक मैनेजर अपनी टीम को क्या-क्या नहीं दे सकता पर उसे चाहिए, बस छुट्टी!’
यह मैनेजर की डायरी पूरी तरह से काल्पनिक है और विकास सेक्टर में काम करने वाले उन तमाम मैनेजर्स को समर्पित है जो चाहे-अनचाहे अपनी टीम के सदस्यों की छुट्टियां मंज़ूर कर ही देते हैं। -
विकास सेक्टर के ईमानदार विचार
कुछ ऐसी बातें जो समाजसेवी संस्थाएं काम करते हुए सोचती तो हैं लेकिन किसी से कहती नहीं हैं। -
एक रिसर्चर को कैसे पहचानें?
तीन चित्र और तीन तरीक़े, जो बताते हैं कि ज़मीन पर रिसर्चर कैसे पहचाने जाते हैं। -
समझ का फेर?
सामाजिक सेक्टर में भाषा की एक पहेली जो जाने कब हल होगी? -
कथनी और करनी
शिक्षा व्यवस्था और उसकी ईमानदारी के किस्से।