पर्यावरण
फोटो निबंध: ग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक
कचरे की समस्या को एक शहरी चुनौती की तरह देखा जाता है लेकिन असल में यह आंकड़ों की अनुपलब्धता है जो गांवों की सही तस्वीर को सामने आने से रोकती है।रिवर फ्रंट: नदी, नियोजन और पर्यावरणीय सरोकार
किसी भी राज्य में रिवर फ्रंट से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत से पहले वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय लोगों को भरोसे में लेना भी जरूरी है।क्या स्थानीय मोबाइल रिपेयर की दुकानें ई-कचरे को कम करने में मदद कर सकती हैं?
कंप्यूटर और मोबाइल रिपेयर की दुकानों लंबे समय से उपकरणों के जीवनकाल को बढ़ाने में मदद कर रही हैं। लेकिन उन्हें जीवित रहने के लिए समर्थन की ज़रूरत है।आईडीआर से समझिए: वन अधिकार अधिनियम, 2006 (एफआरए)
वन अधिकार अधिनिमय, 2006 (एफआरए) से जुड़े चार सबसे जरूरी सवालों के जवाब जो इसके इतिहास, जरूरत, फायदों और चुनौतियों पर बात करते हैं।बदलाव के सुर: नवीकरणीय ऊर्जा के साथ एक म्यूज़िक बैंड का अनूठा प्रयोग
2024 में भारतीय बैंड स्वरात्मा ने डीजल के जेनसेट का उपयोग न करते हुए अपने टूर को सौर ऊर्जा से संचालित किया। यह प्रयोग आने वाले समय में लाइव कार्यक्रमों की नई परिभाषा लिख सकता है।सरकारी आंकड़े जंगलों के क्षेत्रफल के साथ गुणवत्ता की भी बात क्यों नहीं करते?
जंगल से जुड़े सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करती पर्यावरण जानकार, देबादित्यो सिन्हा और हृदयेश जोशी की एक बातचीत।कक्षाओं से निकलकर पर्यावरण शिक्षा हासिल करते तमिलनाडु के बच्चे
ग्रामीण और शहरी बच्चे पर्यावरण को अलग-अलग नज़रिए से देखते और समझते हैं और उनकी जानकारी के स्तर में भी जमीन-आसमान का फर्क दिखता है।मध्य प्रदेश के आदिवासी, जंगलों की आग रोकने के लिए परंपराएं तक छोड़ रहे हैं
मध्य प्रदेश, जंगल की आग से प्रभावित राज्यों में तीसरे स्थान पर आता है लेकिन अब आदिवासियों और वन विभाग के साझा प्रयास स्थिति को बदल रहे हैं।भारत के इलेक्ट्रिक वाहनों से भरे कल में मैकेनिक कहां दिखते हैं?
भारत की पर्यावरण प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन जैसी समस्याओं का हल ई-वाहनों में खोजा जा रहा है लेकिन क्या परंपरागत वाहनों को सुधारने वाले अनगिनत मैकेनिक भी इसमें शामिल हैं?