पर्यावरण
भारत के आपदा प्रबंधन में पशुओं को भी जगह मिलनी चाहिए
भारत में आपदा प्रबंधन नीतियों में पशुओं को शामिल करना सिर्फ संवेदनशीलता का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े तबके की आजीविका का भी सवाल है।जन गण वन
यह फिल्म झारखंड में वन संरक्षण और बहाली की दिशा में की गई सामुदायिक पहल को दिखाती है।क्या जस्ट ट्रांजिशन और आजीविका में कोई संबंध है?
कार्बन कॉपी के इस पॉडकास्ट में जानें कि भारत के कोयला सम्पन्न इलाकों में जस्ट ट्रांजिशन लोगों की आजीविका और जीवन को कैसे बदल सकता है।कैसे भीषण गर्मी की सबसे भारी मार गिग वर्कर्स, मजदूरों और बेघरों पर पड़ रही है
बढ़ती गर्मी के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों की पड़ताल करते इस वीडियो में यह जानने का प्रयास किया गया है कि हीट एक्शन प्लान को न्यायसंगत और असरदार कैसे बनाया जा सकता है।नदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी : पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, नदी किनारे बसे समुदाय मेमोरी मैप्स, ऑडियो नोट्स और तस्वीरों के माध्यम से मौखिक इतिहास और पारंपरिक अनुकूलन रणनीतियों को संरक्षित कर रहे हैं।फोटो निबंध: नीति निर्माण और स्थानीय संदर्भ-एक परस्पर संवाद की आवश्यकता
टिकाऊ और असरदार विकास योजनाएं तब बेहतर काम करती हैं जब वे ज़मीनी हकीकत, सामुदायिक भागीदारी और वास्तविक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जायें।जलवायु चर्चा से जुड़े पांच प्रचलित शब्द और उनके मायने
इस वीडियो में जलवायु संकट के बढ़ते प्रभावों के बीच पांच अहम शब्दों—जलवायु अनुकूलन, शमन, न्याय, हानि व क्षति, और सहनशीलता—को आसान भाषा में समझाया गया है।आईडीआर से समझिए: सामुदायिक संसाधन या कॉमन्स क्या हैं?
सामुदायिक संसाधनों के प्रकार, इतिहास, संरक्षण प्रयासों और कानून पर वह सबकुछ जो आपको जानना चाहिए।अगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए।