पर्यावरण
कार्बन क्रेडिट क्या है और इसके वैश्विक स्तर पर क्या मायने हैं?
अंतर्राष्ट्रीय अनुभव दर्शाता है कि केवल “कार्बन क्रेडिट जारी करना” काफी नहीं है। उनकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है।ग्रामीण भारत में प्लास्टिक कचरे का हिसाब करना क्यों जरूरी है?
ग्रामीण भारत में हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका आकलन नहीं होता। ऐसे में ग्रामीण स्तर के आंकड़ों को जोड़कर एक सर्कुलर इकॉनमी की नींव रखी जा सकती है।वन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत
झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की आजीविका भी मजबूत हो रही है।मिथुन क्या है और अरुणाचल के जंगलों में इसे लेकर तनाव क्यों बढ़ रहा है?
ढोल मिथुनों का शिकार करने लगे हैं क्योंकि उनके आम शिकारों को इंसानों ने खत्म कर दिया है। इन हमलों में मिथुन खोने वाले किसान परेशान हैं क्योंकि वे आर्थिक रूप से इन्हीं पर निर्भर है।पोरंबोके: शहरी सामुदायिक संसाधनों की पुनर्कल्पना
अगर पानी साफ तौर पर दिखाई दे, सबके लिए आसानी से उपलब्ध हो, और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाए, तो हमारे शहर कैसे दिखेंगे?फोटो निबंध: जलवायु अनुकूलन को नए आयाम देती नागालैंड की औरतें
नित बढ़ते तापमान में दीमापुर की महिला रेहड़ी-पटरी विक्रेता पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय सिविल-सोसाइटी नेटवर्कों का रूख कर रही हैं। उनकी यह कोशिश शहरी अनुकूलन की एक अलग और मानवीय समझ को उभारती है।कॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित करना जरूरी हो गया है।फोटो निबंध: ‘ग्रीन टैग’ वाले एक कारखाने में श्रमिकों का सांस लेना क्यों मुहाल है?
कोटा में थर्मल प्लांट्स की फ्लाई ऐश से बनने वाली ईंटों के निर्माण में श्रमिक बिना सुरक्षा उपकरणों के जहरीली हवा में काम करने के लिए विवश हैं।