विकास सेक्टर
फील्ड कार्यकर्ताओं के लिए रिपोर्टिंग से जुड़ी समस्याओं के कुछ सटीक समाधान
रिपोर्टिंग से जुड़ी समस्याओं के लिए जरूरी है कि फील्ड कार्यकर्ता मैनेजर के साथ चर्चा करके समाधान तैयार करें और संस्थाएं इसके लिए गुंजाइश रखें।भारी प्रदूषण से बचने के कुछ हल्के-फुल्के उपाय!
प्रदूषण से जुड़े ये उपाय बचने के काम आएं या ना आएं, हंसने के काम जरूर आएंगे।हैरान हूं कि बच्चों के साथ भावनात्मक जुड़ाव ने मुझे कितना बदल दिया है
बच्चों को सामाजिक और भावनात्मक शिक्षा देना उनके साथ शिक्षकों को भी बदल देता है, यही बताता एक शिक्षक का अनुभव।विकास सेक्टर की पहेलियां
सिद्दांतों और तनख़्वाह का संतुलन!देश में शीत लहरों की संख्या क्यों बढ़ रही है?
शोध बताते हैं, जलवायु परिवर्तन के कारण भारत में साल 1982 से 2020 के बीच शीत लहरों की संख्या पांच गुना बढ़ गई है और इससे सबसे अधिक प्रभावित उत्तर भारतीय राज्य होते हैं।विकास सेक्टर में काम करने वालों के लिए प्रस्तावित मौलिक अधिकार
संविधान हमें संवैधानिक अधिकार देता है लेकिन यहां पर विकास सेक्टर के लिए जरुरी कुछ ‘सुविधानिक अधिकारों’ की बात की गई है।नौकरी पाने की नई (अनिवार्य) शर्त!
आपको नौकरी मिलने में अड़चन नहीं आएगी, अगर आप यह सीख ध्यान में रखेंगे।फील्ड सर्वे करने जाएं तो ऐसे जवाबों के लिए तैयार रहिएगा
फील्ड सर्वे के दौरान समुदाय से मिले, जरूरी सवालों के कुछ दिलचस्प और मजेदार जवाब।सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा युवाओं के लिए क्यों जरूरी है?
सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा यानि सेल, युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ उनके दैनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान करने में भी मदद करता है।ऑफिस का लंच ब्रेक = 10% खाना + 90% गप्पें!
कहते हैं हर लंच ब्रेक में एक ना एक राज जरूर निकलता है, वो भी टिफिन से नहीं बल्कि किसी के मुंह से!











