विकास सेक्टर
घर से काम करने में कई सुविधाएं हैं, लेकिन उसकी अपनी दुविधाएं हैं
वर्क फ़्रॉम होम में अक्सर दिखने वाले वे दृश्य जिनका हिस्सा आप नहीं बनना चाहेंगे।पब्लिक सेक्टर बनाम प्राइवेट सेक्टर: किसकी कितनी हैप्पी दिवाली?
आप किसी भी सेक्टर में हों, इनमें से कोई न कोई मीम आप पर ज़रूर फ़िट बैठता होगा।विकास सेक्टर में मजबूत फैसिलिटेटर बनने के आठ नुस्खे
फैसिलिटेशन, विकास सेक्टर में काम करने वाले साथियों के काम में शामिल एक अनिवार्य चीज है। यह वीडियो फैसिलिटेशन के दौरान आने वाली कुछ समस्याओं और उनके समाधानों पर बात करता है।क्या भारत की राजनीतिक व्यवस्था में सुधार का वक्त आ गया है?
हमें राजनीति में खेल के नियमों को बदलने की जरूरत है क्योंकि इसने सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को राजनीतिक प्रक्रिया पर हावी होने दिया है।जलवायु परिवर्तन से जुड़े साझा प्रयासों में जी20 की भूमिका
जी20 में, सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देकर, ग्लोबल साउथ में जलवायु अनुकूलन के लिए प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाने की क्षमता है।समाजसेवी संगठन डिजिटल परिवर्तन के लिए तकनीकी क्षमता निर्माण कैसे करें?
तकनीकी क्षमता का निर्माण, समाजसेवी संस्थाओं को अपने डिजिटल परिवर्तन के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधन प्रदान कर सकता है।एक सफल रेडियो अभियान के लिए क्या चाहिए?
समाजसेवी संस्था साहस द्वारा ई-वेस्ट से जुड़ी जागरुकता बढ़ाने के लिए चलाए गए रेडियो अभियान के अनुभव, प्रचार अभियानों के डिज़ाइन तैयार करना सिखाते हैं।एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने का सबसे ज्यादा नुकसान किसे होगा?
समाजसेवी संस्थाओं के एफसीआरए लाइसेंस रद्द होने का असर बढ़ी हुई बेरोज़गारी, हताश समुदाय और कमजोर लोकतंत्र के रूप में दिख सकता है।मध्य प्रदेश में आदिवासियों को उनके वन अधिकार क्यों नहीं मिल पा रहे हैं?
वन अधिकार अधिनियम, आदिवासियों को जंगल और जमीन का अधिकार तो दे देता है लेकिन उनके कागज नहीं दिलवा पा रहा है।सागर को गागर
जलवायु परिवर्तन को लेकर जमीनी समझ और सलाहकारों का ज्ञान कई बार मेल नहीं खाते हैं।कैसे समाजसेवी संगठन अपनी कहानी सकारात्मकता से कह सकते हैं?
सामाजिक संगठनों का अपने कार्यक्रमों की पिच तैयार करते हुए सकारात्मक भाषा और उदाहरण अपनाना सोच बदलने वाला साबित होगा।