विकास सेक्टर
बीते तीन महीनों से मणिपुर में हो रही हिंसा के प्रभाव की कहानी
मणिपुर में सामाजिक न्याय के लिए महीनों से चल रहे संघर्ष और हिंसा की पूरी कहानी और यह भी कि आप कहां और कैसे मददगार बन सकते हैं।क्या शिक्षा से जुड़े डेटा केवल नीति निर्माताओं के ही काम आते हैं?
शिक्षा के क्षेत्र में बच्चे के सीखने से जुड़े आंकड़े नीति-निर्माताओं के लिए तो उपयोगी होते हैं पर शिक्षकों के लिये नहीं, क्यों?विमुक्त जनजातियों पर पुलिसिया पहरे के पीछे जातिवाद है
अंग्रेज़ी राज में बनी आपराधिक न्याय प्रणाली आज भी पुलिस के लिए विमुक्त जनजातियों और पिछड़े समुदायों के उत्पीड़न का हथियार बन रही है।पानी बचाना है तो समुदाय को उसका मालिक बनाना होगा
पूर्वी और मध्य भारत में आदिवासी समुदायों की महिलाएं स्थायी जल संरक्षण प्रणाली की योजना, निर्माण और प्रबंधन का अभिन्न अंग हैं।महिलाएं जलवायु परिवर्तन के काम को रफ्तार दे सकती हैं
महिलाओं के लिए एक ऐसा वातावरण बनाने की जरूरत है जहां वे जलवायु समस्याओं के हल खोजने में प्रमुख भूमिका निभा सकें क्योंकि ये उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करती हैं।आत्मदाह और एसिड हमले के पीड़ितों को मुख्यधारा में कैसे लाया जाए?
एसिड हमले और आत्मदाह के पीड़ितों को ऐसे पुनर्वास कार्यक्रमों की जरूरत है जिनमें समाज और वे खुद भी उन्हें उनके बदले स्वरूप में स्वीकार कर सकें।क्यों शिक्षकों को उनके काम का पूरा श्रेय मिलना जरूरी है
शिक्षकों के काम को न केवल कम आंका जाता है बल्कि अक्सर उनकी भावनात्मक और प्रशासनिक मेहनत को महत्व नहीं दिया जाता है, इस पर ध्यान देना उनके समग्र स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए जरूरी है।आंकड़े मुस्लिम महिला श्रमिकों के बारे में क्या नहीं बताते हैं?
महामारी ने जहां एक तरफ़ मध्य और उच्च वर्ग की मुस्लिम महिलाओं के लिए नौकरी पाना आसान बना दिया है, वहीं दूसरी ओर निम्न-आय वाले परिवारों और प्रवासियों को इसके लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है।इंसान और वन्यजीवों के बीच जंगल का बंटवारा कैसे हो?
जलवायु परिवर्तन जंगली जानवरों और उनके आवास के लिए एक बड़ा ख़तरा है और यह इंसानों से उनके संघर्ष की संभावना भी बढ़ाता है।जलवायु से जुड़ी खबरों पर आम लोगों का रुख कैसा होता है?
भारत समेत आठ देशों में रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म द्वारा किया गया एक ऑनलाइन अध्ययन बताता है कि जलवायु से जुड़ी खबरें लोगों को कितना जागरुक बना पाती हैं।समाजसेवी संस्थाओं के लिए तकनीक से संबंधित कुछ जरूरी सुझाव
तकनीक संबंधी ज़रूरतों और चुनौतियों के मामले में समाजसेवी संस्थाओं की मदद करने वाली संस्था सीएक्सओ के कुछ सुझाव जो एनजीओ लीडर्स के काम आ सकते हैं।नई तकनीक या पहले से उपलब्ध तकनीक: समाजसेवी संस्थाओं के लिए क्या सही है?
तकनीक का इस्तेमाल करने वाली समाजसेवी संस्थाओं के सामने कभी न कभी यह सवाल आता ही है कि उन्हें अपने कार्यक्रम के लिए अपनी एक ऐप विकसित करनी चाहिए या नहीं।