सरकारी योजना
फोटो निबंध: नीति निर्माण और स्थानीय संदर्भ-एक परस्पर संवाद की आवश्यकता
टिकाऊ और असरदार विकास योजनाएं तब बेहतर काम करती हैं जब वे ज़मीनी हकीकत, सामुदायिक भागीदारी और वास्तविक ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार की जायें।विकलांगता पर संवेदनशील पत्रकारिता: एक मार्गदर्शिका
विकलांगता के विषय पर होने वाली रिपोर्टिंग की भाषा में संवेदनशीलता की जरूरत है।सरकार के साथ जुड़ने के कुछ कारगर उपाय – भाग 1
सरकार से जुड़ने से पहले संस्थाओं को न केवल यह मालूम होना चाहिए कि उन्हें कहां और किस स्तर पर जुड़ना है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि इससे सरकार को क्या लाभ होगा।भारतीय राजनीति में विकलांग प्रतिनिधित्व की कठिन राह
विकलांग जनों को व्यवस्थागत पूर्वाग्रहों और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को असंभव न सही, लेकिन बहुत मुश्किल जरूर बना देता है।नई इंटर्नशिप योजना: युवाओं की उड़ान या अधूरी पहचान?
भारत की नई इंटर्नशिप योजना एक मजबूत पहल है। लेकिन जागरूकता की कमी, ढीले नियम और स्थायी रोजगार की कमी इसे कमजोर बना सकते हैं।सरकार का बजट, संस्थाओं की कैसे मदद कर सकता है?
सरकार का बजट, संस्थाओं के लिए न केवल उसकी नीतियों को जानने का माध्यम है, बल्कि इससे उन्हें अपने कार्यक्रमों की प्लानिंग करने में भी मदद मिल सकती है।बजट 2025: सामाजिक क्षेत्र के लिए सरकार की 4 नई प्राथमिकताएं
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में सामाजिक क्षेत्र पर खर्च कम कर दिया है, जो देश की नीतिगत प्राथमिकताओं में बदलाव को दर्शाती है।प्रवासी श्रमिकों के सुरक्षित भविष्य की राह एक सुविचारित नीति से ही निकलेगी
कोविड महामारी के दौरान ही पता चल गया था कि प्रवासी श्रमिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए नीतियां, प्रक्रियाएं और प्रणालियां तत्काल तय किए जाने की ज़रूरत है।