सरकारी योजना
क्या मनरेगा की खामियों को भर पाएगा वीबी-जी राम जी?
केरल और ओडिशा के आंकड़े बताते हैं कि मनरेगा एक अधिकार से अधिक प्रशासनिक योजना बन गई है। ऐसे में वीबी-जी राम जी को क्या अलग करना होगा?सरल कोश: फाइनेंस कमीशन या वित्त आयोग
वित्त आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो सरकार को यह सिफारिश करती है कि देश के वित्तीय संसाधनों का राज्यों और स्थानीय सरकारों के बीच किस तरह न्यायसंगत और बेहतर ढंग से वितरण किया जाए।क्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?
जैविक कपास की बढ़ती मांग के बावजूद किसानों को इसकी खेती में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। क्या अनुकूल नीतियां और सरकारी सहयोग इस तस्वीर को बदल सकते हैं?सतत एफपीओ का निर्माण: भारत की सहकारी समितियों से सीख
2025 की शुरुआत तक, केंद्र सरकार की योजना के तहत 10,000 किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना की जा चुकी थी। लेकिन केवल लक्ष्य पूरा करने की जल्दबाजी एफपीओ की संरचना को कमजोर कर सकती है।संघर्ष से परे: कश्मीर के दर्द और जीवटता की कहानी
कश्मीर में दशकों से अशांति और हिंसा ने एक गहरी मानसिक वेदना को जन्म दिया है। कश्मीरी आवाम इससे कैसे जूझती है और इस दिशा में कौन से कदम उठाये जाने चाहिए?पोषण और स्वास्थ्य की सरकारी नीतियों से बहुत दूर है जमीनी हकीकत
पोषण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए ऐसा दृष्टिकोण चाहिए जो समुदाय की पोषण संबंधी जरूरतों और स्वास्थ्य सेवा आपूर्ति तंत्र की दक्षता के बीच संतुलन कायम कर सके।ग्रामीण भारत में पोषण संकट की असल जड़ क्या है?
ग्रामीण भारत में कुपोषण का कारण केवल भोजन की कमी नहीं, बल्कि पारंपरिक भोजन से दूरी भी है।ई-केवायसी: भोजन के अधिकार की राह में खड़ी नई दीवार
राशन कार्ड के लिए ई-केवायसी प्रक्रिया में अस्पष्टता और इसकी असफलता, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों की भोजन तक पहुंच को खतरे में डाल रही है।सरल कोश: कन्वर्जंस
कन्वर्जंस यानी साझा प्रयास—जहां योजनाएं, संस्थाएं और लोग मिलकर एक ही लक्ष्य के लिए काम करते हैं। इस एपिसोड में जानिए यह विकास सेक्टर में कैसे प्रभाव बढ़ाता है।संवेदनशील नेतृत्व: संघर्षशील परिवेश में भरोसे की नींव
राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में समुदाय के साथ जुड़ने की नींव विनम्रता, संवेदनशीलता और सुनने की क्षमता पर आधारित होनी चाहिए।