समाजसेवी संस्था
-
अब संस्थाओं का असर सिर्फ महसूस किया जाएगा, देखा नहीं जा सकेगा!
क्या हो अगर संस्थाएं अपना काम तो करें, पर बता न सकें? हो सकता है कि रिपोर्टिंग, मॉनिटरिंग और फंडिंग, सब कुछ भावनाओं से ही समझना पड़े। -
-
संस्थाओं के लिए फंडरेजिंग के कुछ कारगर उपाय
वित्तीय संकट के दौर में संस्थाओं के लिए फंडरेजिंग के विविध माध्यम तलाशना जरूरी है। -
-
-
-
ऑनलाइन मीटिंग: विकास का वर्चुअल विलाप
जब एजेंडा हो पुराना, स्लाइड हो नई और आवाज़ें हो म्यूट, तो समझ जाइए आप ऑनलाइन मीटिंग में हैं। -
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ लामबंद होती घरेलू कामगार महिलायें
एनसीआर में घरेलू कामगार महिलायें सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए सरकार और नियोक्ताओं पर ठोस कदम उठाने का दबाव बना रही हैं। -
गर्मी में फील्ड ट्रिप की चुनौतियां और चाय
एसी दफ्तरों में बैठकर आदेश देने वाले मैनेजर क्या जानें, भीषण गर्मी में फील्ड पर दिन गुजारने वाले कर्मचारियों के दिल का हाल। ये तो चाय है जो सब करवा देती है। -
कम्युनिटी लीडरशिप क्या होती है? जानिए जमीनी अनुभव से
कम्युनिटी लीडरशिप का यह मॉडल हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हम असल में लोगों को लीड करने का मौका दे रहे हैं, या बस उनके लिए फैसले ले रहे हैं? -
सेविंग द अर्थ: वन स्पीच एट ए टाइम
पर्यावरण जैसे अहम मुद्दे पर काम करने वाली संस्थाओं की कथनी और करनी में अक्सर विरोधाभास नजर आता है। -
कचरा बीनने वाले श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का महत्व
बेंगलुरु में कचरा बीनने वाले श्रमिकों के साथ कार्यरत संगठनों के एक साझा समूह का मानना है कि सरकारी योजनाओं की सुलभता उनके जीवन में निर्णायक भूमिका निभाती है।